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कोलकाता, 11 जून (हि.स.)।
दक्षिण कोलकाता के अलीपुर स्थित बहुमंजिला सरकारी भवन में लगी भीषण आग में करीब चार हजार इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें (ईवीएम) नष्ट हो गई हैं। पश्चिम बंगाल के अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा राज्य मंत्री कौशिक चौधरी ने गुरुवार को घटना को संदिग्ध बताते हुए कहा है कि प्रथम दृष्टया यह सामान्य आग नहीं लगती और साजिश की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
घटनास्थल का दौरा करने के बाद मंत्री ने कहा कि आग सबसे पहले भवन की दूसरी और तीसरी मंजिल पर देखी गई थी, लेकिन बाद में यह ऊपरी मंजिलों तक पहुंच गई। उन्होंने सवाल उठाया कि जब चौथी, पांचवीं और छठी मंजिल अपेक्षाकृत कम प्रभावित रहीं तो आग सातवीं, आठवीं, नौवीं और दसवीं मंजिल तक कैसे पहुंची।
मंत्री ने बताया कि आग में नष्ट हुई लगभग चार हजार ईवीएम इस वर्ष हुए विधानसभा चुनाव के दौरान राज्य के 10 विधानसभा क्षेत्रों में इस्तेमाल की गई थीं। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और वास्तविक कारणों का पता फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।
इस बीच दक्षिण 24 परगना प्रशासन की ओर से अलीपुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है। अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट की शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी या इसके पीछे कोई अन्य कारण था।
फॉरेंसिक विशेषज्ञ जल्द ही घटनास्थल का निरीक्षण कर नमूने एकत्र करेंगे। जांच एजेंसियों का कहना है कि वैज्ञानिक और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर ही यह तय किया जाएगा कि आग दुर्घटनावश लगी थी या किसी सुनियोजित साजिश का परिणाम थी।
घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है, हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों और साक्ष्यों की जांच की जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर