अनाज भंडारण के लिए शाहबाद-अंबाला के बीच बनेगा गेहूं साइलो:नायब सैनी
चंडीगढ़, 06 मई (हि.स.)। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि अनाज को खराब होने से बचाने के लिए जरूरी है कि प्रदेश में पर्याप्त संख्या में वेयरहाउस व साइलो उपलब्ध हों। इसके लिए संबंधित विभाग विस्तृत कार्ययोजना बनाकर जल्द से जल्द अनाज भंडा
अनाज भंडारण के लिए शाहबाद-अंबाला के बीच बनेगा गेहूं साइलो:नायब सैनी


चंडीगढ़, 06 मई (हि.स.)। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि अनाज को खराब होने से बचाने के लिए जरूरी है कि प्रदेश में पर्याप्त संख्या में वेयरहाउस व साइलो उपलब्ध हों। इसके लिए संबंधित विभाग विस्तृत कार्ययोजना बनाकर जल्द से जल्द अनाज भंडारण की समस्या का स्थाई समाधान निकालें। उन्होंने निर्देश दिए कि अनाज भंडारण के लिए शाहबाद व अंबाला के बीच साइलो बनाने की योजना तैयार की जाए।

नायब सिंह सैनी बुधवार को हरियाणा सिविल सचिवालय में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ प्रदेश में अनाज भंडारण तथा पलवल व नूंह क्षेत्रों में जलापूर्ति के प्रबंधों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा सहित विभिन्न विभागों के उच्च अधिकारीगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अनाज के सुरक्षित भंडारण के लिए पर्याप्त संख्या में वेयरहाउस भी होने आवश्यक हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शाहबाद व अंबाला के बीच किसी ऐसे स्थान पर साइलो की योजना बनाई जाए जो रेलवे लाईन व सडक़ मार्ग के बीच हो। साइलो के लिए 100 एकड़ तक जमीन अधिगृहीत कर ली जाए। उन्होंने अधिकारियों को जमीन अधिगृहण व साइलो निर्माण की योजना तैयार करने का कार्य एक माह में पूरा करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के मद्देनजर वहां सब्जियों व फलों की काफी अधिक मांग है। इसके लिए मुख्यमंत्री ने वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन को हिसार एयरपोर्ट के समीप भी एक साइलो अथवा बड़े वेयरहाउस की स्थापना की कार्ययोजना तैयार करने को कहा जहां सब्जियों व फलों का सुरक्षित भंडारण किया जा सके और इन्हें हिसार एयरपोर्ट के माध्यम से मिडिल ईस्ट में सप्लाई किया जा सके। ऐसा करके प्रदेश के सब्जी व फल उत्पादक किसानों को उनके उत्पादों के अधिक दाम मिल सकेंगे।

जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पलवल व नूंह क्षेत्र के 108 गांवों तथा पुन्हाना नगर में ट्यूबवेल आधारित पेयजल आपूर्ति की जाती है। इसलिए भूमिगत जलस्तर को बनाए रखने के लिए जमीन को रिचार्ज करने हेतु विभाग द्वारा 7 रैनी वेल व बूस्टिंग स्टेशन लगाए जाएंगे। इस कार्य पर 765 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा