वाराणसी में गुरूवार से पहली डिजिटल जनगणना, घर बैठे भरे खुद फार्म
—नगर आयुक्त ने की ''स्व-गणना'' की अपील , बोले- सुरक्षा और गोपनीयता का पूरा ध्यान —-मोबाइल नंबर और नाम के माध्यम से पोर्टल पर करना होगा पंजीकरण, एसई आईडी को रखें सुरक्षित वाराणसी, 06 मई (हि.स.)। देश की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना-2027 का बिगुल बज
वाराणसी में गुरूवार से पहली डिजिटल जनगणना, घर बैठे भरे खुद फार्म


—नगर आयुक्त ने की 'स्व-गणना' की अपील , बोले- सुरक्षा और गोपनीयता का पूरा ध्यान

—-मोबाइल नंबर और नाम के माध्यम से पोर्टल पर करना होगा पंजीकरण, एसई आईडी को रखें सुरक्षित

वाराणसी, 06 मई (हि.स.)। देश की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना-2027 का बिगुल बज चुका है। गुरूवार सात मई से जनगणना के पहले चरण के तहत 'स्व-गणना' की खिड़की खुल रही है, जो 21 मई तक चलेगी। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बुधवार को जनपदवासियों से इस ऐतिहासिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की है।

उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की इस पहल के तहत नागरिकों को पहली बार आधिकारिक पोर्टल https://se.census.gov.in) पर जाकर स्वयं अपना और अपने परिवार का विवरण दर्ज करने की सुविधा दी गई है। उन्होंने बताया कि नागरिक अपने मोबाइल नंबर और नाम के माध्यम से पोर्टल पर पंजीकरण कर सकते हैं। ओटीपी सत्यापन के बाद उन्हें 33 सवालों की एक प्रश्नावली भरनी होगी। विवरण सफलतापूर्वक जमा होने पर एक 11 अंकों की 'एसई आईडी' प्राप्त होगी, जिसे सुरक्षित रखना अनिवार्य है।

——'एसई आईडी' है असली कुंजी, 22 मई से घर-घर आएंगे प्रगणक

नगर आयुक्त ने कहा कि 'स्व-गणना' करने वाले परिवारों को 22 मई से शुरू होने वाले जमीनी सर्वे के दौरान काफी सुविधा होगी। जब प्रगणक घर पहुंचेंगे, तो उन्हें केवल अपनी एसई आईडी दिखानी होगी। यदि डेटा रिकॉर्ड से मेल खाता है, तो उसे तुरंत स्वीकार कर लिया जाएगा, जिससे समय की बचत होगी। नगर आयुक्त ने जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि जनगणना की पूरी प्रक्रिया सुरक्षित है और डेटा एन्क्रिप्शन के जरिए सुरक्षित रखा गया है। उन्होंने बताया कि जनगणना के दौरान आपसे किसी भी प्रकार की बैंक जानकारी या आधार संख्या जैसे दस्तावेज नहीं मांगे जाएंगे। वहीं, प्रगणक के आने पर उनका आधिकारिक पहचान पत्र अवश्य देखें। यह प्रक्रिया विकास योजनाओं की नींव तैयार करने का आधार है, न कि नागरिकता का प्रमाण।

——दो चरणों में होगी प्रक्रिया

वाराणसी में जनगणना का पहला चरण (हाउसलिस्टिंग और हाउसिंग) मई-जून 2026 में चलेगा। इसके बाद दूसरा चरण फरवरी 2027 में होगा, जिसमें जनसंख्या, साक्षरता, रोजगार और जातिगत डेटा जैसे महत्वपूर्ण आंकड़े जुटाए जाएंगे। नगर निगम प्रशासन ने इस डिजिटल जनगणना को सफल बनाने के लिए प्रगणकों का प्रशिक्षण पूरा कर लिया है और आम जनता से इस 'जन अभियान' में जुड़ने की अपील की है। उन्होंने कहा कि वाराणसी को एक स्मार्ट और व्यवस्थित शहर बनाने के लिए सटीक डेटा अनिवार्य है। मेरा शहरवासियों से अनुरोध है कि सात से 21 मई के बीच पोर्टल पर जाकर स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करें और डिजिटल इंडिया के इस महाकुंभ में सहभागी बनें।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी