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पन्ना, 06 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के पन्शा जिले में शिक्षा विभाग को लेकर एक प्रशासनिक निर्णय चर्चा का विषय बन गया है। कलेक्टर द्वारा सहायक संचालक शिक्षा अमित जैन से जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) का प्रभार हटाकर कार्यवाहक डिप्टी कलेक्टर अनिल कुमार तलैया को सौंपे जाने पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। खास बात यह है कि आदेश में इस बदलाव का कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया है।
जानकारी के अनुसार, अमित जैन को 1 अप्रैल को जिला शिक्षा अधिकारी का प्रभार दिया गया था, लेकिन महज एक माह पांच दिन बाद 5 मई को यह जिम्मेदारी उनसे वापस ले ली गई। अब उन्हें उनके मूल पद पर भेज दिया गया है। इस अचानक फैसले से जिले में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
अमित जैन की छवि एक सख्त, ईमानदार और नियमों का पालन करने वाले अधिकारी की रही है। उनके कार्यकाल में कई स्तरों पर अनुशासन लागू हुआ था, जिससे कुछ लोगों की मनमानी पर रोक लगी थी। ऐसे में उनके अचानक हटाए जाने को लेकर विभिन्न कयास लगाए जा रहे हैं।
सबसे बड़ा सवाल इस बात को लेकर उठ रहा है कि शिक्षा विभाग जैसे तकनीकी और विशेषीकृत क्षेत्र की जिम्मेदारी एक राजस्व अधिकारी को सौंपना कितना उचित है। नियमों के अनुसार जिला शिक्षा अधिकारी का पद उपसंचालक स्तर का होता है और रिक्ति की स्थिति में सहायक संचालक को प्रभार देने का प्रावधान है। इसके बावजूद तहसीलदार स्तर के अधिकारी को जिम्मेदारी दिए जाने से निर्णय पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
इस फैसले का असर ऐसे समय में सामने आया है, जब 10वीं और 12वीं की द्वितीय बोर्ड परीक्षाएं 7 मई से शुरू हो रही हैं। परीक्षा प्रबंधन, केंद्रों की व्यवस्था और निगरानी जैसे अहम कार्यों के बीच प्रशासनिक बदलाव से समन्वय प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
विभागीय सूत्रों के मुताबिक, मंडल स्तर पर अभी भी कई तकनीकी जानकारियां पूर्व अधिकारी के नाम से दर्ज हैं, जिससे कार्य संचालन में दिक्कतें आ सकती हैं। वहीं, शिक्षा विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों में भी इस फैसले को लेकर असंतोष की स्थिति बताई जा रही है।
फिलहाल, जिला प्रशासन की ओर से इस पूरे मामले में कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है, जिससे स्थिति और अधिक संशयपूर्ण बनी हुई है।
हिन्दुस्थान समाचार / सुरेश पांडे