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जम्मू, 06 मई (हि.स.)। जम्मू में जम्मू-कश्मीर यूटी महिला कांग्रेस अध्यक्ष शमीमा रैना की अध्यक्षता में एक दिवसीय सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसमें प्रदेशभर में महिलाओं के सामने आ रही समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई। कार्यक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमन भल्ला और पूर्व मंत्री योगेश साहनी सहित कई प्रमुख महिला नेताओं ने भाग लिया। सम्मेलन के दौरान महिला कांग्रेस नेताओं ने महिलाओं के कल्याण, सशक्तिकरण और राजनीतिक भागीदारी जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। इस अवसर पर नेताओं ने जम्मू के हेड पोस्ट ऑफिस पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पोस्टकार्ड भेजते हुए विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की मांग की।
नेताओं ने कहा कि महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण का वादा लंबे समय से किया जा रहा है लेकिन इसे अभी तक धरातल पर लागू नहीं किया गया है। उन्होंने इसे महिलाओं की आकांक्षाओं के साथ अन्याय बताया और जल्द ठोस कदम उठाने की मांग की। शमीमा रैना ने अपने संबोधन में कहा कि जम्मू-कश्मीर में विधवा पेंशन, वृद्धावस्था सहायता और अन्य योजनाओं के क्रियान्वयन में देरी से महिलाएं आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रही हैं। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के सीमित अवसर और सुरक्षा संबंधी समस्याएं भी महिलाओं के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं।
रमन भल्ला ने कहा कि महिलाओं से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में प्रशासनिक उदासीनता दिखाई दे रही है, जिससे कमजोर वर्ग की महिलाएं सबसे ज्यादा प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी और स्वास्थ्य सेवाओं की कमी को भी प्रमुख मुद्दा बताया। पूर्व मंत्री योगेश साहनी ने महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि निर्णय प्रक्रिया में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना आवश्यक है। सम्मेलन में कई महिला नेताओं ने भाग लेकर महिला सशक्तिकरण के लिए ठोस नीति और समयबद्ध कार्रवाई की मांग की।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा