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धर्मशाला, 06 मई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा कक्षा 9वीं एवं 10वीं के सभी विषयों के लिए तीन दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला का उद्देश्य प्रश्न पत्रों की गुणवत्ता में सुधार तथा मूल्यांकन प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाना रहा। बोर्ड के अध्यक्ष डॉ राजेश शर्मा ने बताया कि कार्यशाला के दौरान हिमाचल स्कूल शिक्षा बोर्ड, सीबीएसई एवं आईसीएसई के प्रश्न पत्रों की तुलनात्मक समीक्षा की गई। इसके साथ ही पाठ्यक्रम, ब्लूप्रिंट एवं मार्किंग स्कीम का विस्तृत अवलोकन किया गया, ताकि मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक संतुलित एवं पारदर्शी बनाया जा सके।
डॉ. शर्मा ने बताया कि परख टेक्सोनोमी के अनुरूप मॉडल प्रश्न पत्र तैयार करने पर विशेष बल दिया गया। साथ ही प्रश्न पत्रों में 20-30 प्रतिशत क्षमता-आधारित प्रश्न शामिल करने के निर्देश दिए गए, जिससे विद्यार्थियों में रटने की प्रवृत्ति के स्थान पर अवधारणात्मक एवं व्यावहारिक समझ को बढ़ावा मिल सके।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं शिक्षा प्रणाली को आधुनिक एवं राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं, जिससे विद्यार्थियों के समग्र विकास को सुनिश्चित किया जा सके।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया