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रांची, 06 मई (हि.स.)। झारखंड विधानसभा सचिवालय के विधायी शोध संदर्भ और प्रशिक्षण कोषांग की ओर से बुधवार को पुस्तकालय कक्ष में
विधानसभा की प्रक्रिया एवं कार्य संचालन के नियम को लेकर विधानसभा सचिवालय कर्मी पदाधिकारियों के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला का विषय झारखंड विधानसभा में नेशनल ई विधान (नेवा) का क्रियान्वयन और राज्य विधान मंडल के संबंध में संवैधानिक प्रावधान था। मौके पर झारखंड विधानसभा अध्यक्ष (स्पी्कर) डॉ रबिन्द्र नाथ महतो ने कहा कि विधानसभा सचिवालय कर्मी पदाधिकारियों को सदन की कार्यवाही के कार्य संचालन संबंधित नियमों को जानना बेहद आवश्यक है। विधानसभा के अधिकारी सदस्यों को उनके कार्यों में जो वरिष्ठ कर्मी पदाधिकारी सहयोग करते हैं। उन्हें विधायी विषयों से अपडेट रहने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि विधायी व्यवस्थाएं और संस्थाएं यदि ठीक से कार्य करेगी तो कार्यपालिका को और अधिक जवाबदेह होना पड़ेगा। विधानसभा को आगामी मॉनसून सत्र से पहले नेशनल ई विधान (नेवा) के माध्यम से सत्र को संचालित करने की तैयारियों को पूरा कर लेने की जरूरत है ताकि हम पेपरलेस विधानसभा की ओर आगे बढ़ पाएं। उन्होंने कहा कि चर्चा परिचर्चा के माध्यम से हम अधिक ज्ञान अर्जित करते हैं। वरीय पदाधिकारियों को कार्य करने के अनुभवों के साथ जो सीखने का मौक़ा मिला है। उसका लाभ कनीय अधिकारियों तक पहुंचनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि वैसे भी कार्यालयों में कार्य करने के दौरान पठन पाठन का मौक़ा कम मिल पाता है। ऐसे में आयोजित इस तरह के कार्यशालाओं से बहुत कुछ सीखने का मौक़ा मिलता है। उन्होंने कहा कि हम अपनी समझ को बढ़ाना चाहते है तो अध्ययन के अलावा कैसे अधिक से अधिक ज्ञान हासिल हो इसपर ध्यान देना होगा।
कार्यशाला में स्पीकर रबीन्द्रनाथ महतो, विधानसभा सचिवालय के प्रभारी सचिव रंजीत कुमार, राव दीपेन्द्र कुमार यादव, विवेक कुमार, कृष्णा कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी पदाधिकारी मौजूद थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar