Enter your Email Address to subscribe to our newsletters

रांची, 06 मई (हि.स.)। झारखंड इंटरमीडिएट परीक्षा के घोषित परिणाम में रांची जिले का प्रदर्शन इस वर्ष अपेक्षाकृत कमजोर रहा है। समग्र रूप से जिले को औसत श्रेणी में रखा गया है, जबकि विज्ञान संकाय में रांची का स्थान गिरकर 18वें पायदान पर पहुंच गया है।
आंकड़ों के अनुसार, विज्ञान संकाय में रांची जिले के 26.86 प्रतिशत छात्र असफल रहे, जो चिंता का विषय है। हालांकि अन्य संकायों में स्थिति कुछ बेहतर रही। वाणिज्य (कॉमर्स) में रांची 11वें स्थान पर रहा, जहां मात्र 4.07 प्रतिशत छात्र फेल हुए। वहीं कला (आर्ट्स) संकाय में जिला आठवें स्थान पर रहा और केवल 2.22 प्रतिशत छात्र असफल हुए, जो अपेक्षाकृत संतोषजनक प्रदर्शन को दर्शाता है।
दूसरी ओर, राज्य के कई जिलों ने विज्ञान संकाय में बेहतर प्रदर्शन कर रांची को पीछे छोड़ दिया। पलामू जिला 90.16 प्रतिशत सफलता दर के साथ चौथे स्थान पर रहा। देवघर ने 88.33 प्रतिशत के साथ पांचवां स्थान प्राप्त किया, जबकि हजारीबाग 87.99 प्रतिशत के साथ छठे और गिरिडीह 87.49 प्रतिशत के साथ सातवें स्थान पर रहे।
दुमका जिला ने भी सराहनीय प्रदर्शन किया। यहां 86.80 प्रतिशत परिणाम के साथ आठवां स्थान और 84.80 प्रतिशत के साथ नौवां स्थान दर्ज किया गया। पश्चिमी सिंहभूम 84.82 प्रतिशत के साथ दसवें स्थान पर रहा।
अन्य जिलों की बात करें तो धनबाद में 84.32 प्रतिशत, बोकारो में 84.27 प्रतिशत तथा रामगढ़ और चतरा दोनों में 82.21 प्रतिशत छात्र सफल रहे। जामताड़ा का परिणाम 78.31 प्रतिशत, साहेबगंज का 76.76 प्रतिशत, गढ़वा का 75.32 प्रतिशत और गोड्डा का 74.97 प्रतिशत रहा।
इसके अतिरिक्त लोहरदगा में 71.26 प्रतिशत, सरायकेला-खरसावां में 70.29 प्रतिशत, पूर्वी सिंहभूम में 69.58 प्रतिशत, पाकुड़ में 66.44 प्रतिशत तथा खूंटी में 61.73 प्रतिशत परिणाम दर्ज किया गया। सिमडेगा जिले का प्रदर्शन सबसे कमजोर रहा, जहां विज्ञान संकाय में केवल 58.49 प्रतिशत छात्र ही सफल हो सके।
कुल मिलाकर, इस वर्ष इंटरमीडिएट परीक्षा में रांची जिले का प्रदर्शन औसत रहा है, जबकि कई अन्य जिलों ने उत्कृष्ट परिणाम देकर अपनी स्थिति मजबूत की है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि रांची को आने वाले समय में अपने शैक्षणिक ढांचे, शिक्षण गुणवत्ता और परीक्षा तैयारी के स्तर में सुधार के लिए ठोस रणनीति अपनाने की आवश्यकता है।
----------------
हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak