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रांची, 06 मई (हि.स.)। हटिया कामगार यूनियन (एटक) के उपाध्यक्ष लालदेव सिंह ने भारी इंजीनियरिंग निगम लिमिटेड (एचईसी) में श्रम कानूनों के अनुपालन नहीं होने का गंभीर मुद्दा उठाया है। इस संबंध में उन्होंने राष्ट्रपति, केंद्रीय श्रम मंत्री और श्रम मंत्रालय के सचिव को पत्र भेजकर मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।
लालदेव सिंह ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि एचईसी में सार्वजनिक उपक्रमों के लिए निर्धारित कई महत्वपूर्ण सरकारी निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को समय पर वेतन का भुगतान नहीं हो रहा है, ओवरटाइम का भुगतान भी नियमित रूप से नहीं किया जा रहा है। इसके अलावा, भविष्य निधि (पीएफ), कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) जैसी वैधानिक सुविधाओं के क्रियान्वयन में भी गंभीर लापरवाही बरती जा रही है।
उन्होंने यह भी बताया कि न्यूनतम मजदूरी अधिनियम का पालन नहीं हो रहा है और कर्मचारियों को वेतन पर्ची (पेस्लिप) तक उपलब्ध नहीं कराई जा रही है, जो कि श्रमिकों के अधिकारों का उल्लंघन है।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि वर्तमान में भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) के मुख्य प्रबंध निदेशक (सीएमडी)और अन्य निदेशक एचईसी का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं। इसके बावजूद यदि श्रम कानूनों का पालन नहीं हो रहा है, तो यह स्थिति और भी चिंताजनक हो जाती है।
लालदेव सिंह ने कहा कि यह मामला सीधे तौर पर मजदूरों और कर्मचारियों के अधिकारों और उनके सामाजिक-आर्थिक कल्याण से जुड़ा हुआ है। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की है कि इस मुद्दे को प्राथमिकता के आधार पर लेते हुए जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार इस गंभीर विषय पर त्वरित संज्ञान लेगी और एचईसी में कार्यरत कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar