मनीष सिंह गैंग का सक्रिय सदस्य गिरफ्तार, हत्या की साजिश का खुलासा
पूर्वी सिंहभूम, 06 मई (हि.स.)। शहर में सक्रिय कुख्यात अपराधी मनीष सिंह गिरोह के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने गिरोह के एक अहम सदस्य शेंकी गोहिल (35) को गिरफ्तार कर एक संभावित बड़ी आपराधिक वारदात को टाल दिया है। गिरफ्तारी गोलमुरी थाना
गिरफ्तार आरोपी की जानकारी देते सीटी एसपी ललित मीणा


पूर्वी सिंहभूम, 06 मई (हि.स.)। शहर में सक्रिय कुख्यात अपराधी मनीष सिंह गिरोह के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने गिरोह के एक अहम सदस्य शेंकी गोहिल (35) को गिरफ्तार कर एक संभावित बड़ी आपराधिक वारदात को टाल दिया है। गिरफ्तारी गोलमुरी थाना क्षेत्र के न्यू डीएस फ्लैट इलाके से की गई, जहां से पुलिस ने उसे दबोचते हुए कई महत्वपूर्ण सबूत भी बरामद किए हैं।

सिटी एसपी ललित मीणा ने बुधवार को आयोजित प्रेस वार्ता में पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को गुप्त सूचना मिली थी कि घाघीडीह केंद्रीय कारा में बंद कुख्यात अपराधी मनीष सिंह जेल से ही अपने नेटवर्क को संचालित कर रहा है। सूचना के अनुसार, वह अपने गुर्गों के माध्यम से शहर में किसी बड़ी हत्या की घटना को अंजाम देने और अवैध उगाही को अंजाम देने की योजना बना रहा था।

सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर और डीएसपी विधि-व्यवस्था तौकीर आलम के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी साक्ष्य और गुप्त निगरानी के आधार पर मंगलवार को छापेमारी कर शेंकी गोहिल को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस पूछताछ में शेंकी गोहिल ने कई अहम खुलासे किए हैं। उसने स्वीकार किया कि वह मनीष सिंह गिरोह का सक्रिय सदस्य है और गिरोह के लिए न सिर्फ आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देता था, बल्कि उगाही से प्राप्त पैसों का पूरा हिसाब-किताब भी वही संभालता था। उसने यह भी कबूल किया कि गिरोह किसी व्यक्ति की हत्या की साजिश रच रहा था, हालांकि संभावित शिकार के नाम का खुलासा उसने नहीं किया है।

गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपित के पास से एक महिंद्रा थार वाहन, तीन मोबाइल फोन, दो इकरारनामा और 15 हस्ताक्षरयुक्त ब्लैंक चेक बरामद किए हैं। पुलिस का मानना है कि ये दस्तावेज अवैध लेनदेन और उगाही से जुड़े हो सकते हैं, जिनकी जांच की जा रही है।

सिटी एसपी ने बताया कि शेंकी गोहिल का आपराधिक इतिहास रहा है और उसके खिलाफ पहले से सोनारी और गोलमुरी थानों में हत्या (धारा 302), हत्या का प्रयास (धारा 307) और आर्म्स एक्ट के तहत कई मामले दर्ज हैं।

वहीं, इस गिरोह के सरगना मनीष सिंह के अलावा दीपक सिंह और रौशन सिंह को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, लेकिन जेल से भी गिरोह का संचालन जारी था।

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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद पाठक