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जयपुर, 06 मई (हि.स.)। प्रदेश में बढ़ती गर्मी एवं हीटवेव की चुनौती को देखते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा व्यापक और प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए विशेष पहल की गई है। विभाग ने हीटवेव प्रबंधन सहित स्वास्थ्य सेवाओं के सुचारू संचालन के दृष्टिगत राज्य स्तर से सभी जिलों के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त कर उन्हें जिलों में भेजा गया। इन अधिकारियों ने चिकित्सा संस्थानों का निरीक्षण कर हीटवेव प्रबंधन सहित अन्य स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी स्थिति का विस्तृत जायजा लिया है। निरीक्षण रिपोर्ट के अनुसार स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि प्रदेश में आमजन को स्वास्थ्य सेवाएं लेने में किसी तरह की परेशानी नहीं हो।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने बताया कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन सुगमता से हो और हर रोगी को समय पर सही उपचार मिल सके। इसके दृष्टिगत हर जिले के लिए राज्य स्तर से नोडल अधिकारी बनाकर उन्हें निरीक्षण के लिए भेजा गया। इन अधिकारियों ने अस्पतालों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में हीटवेव से प्रभावित मरीजों के उपचार हेतु आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा की है। विशेष रूप से हीट-स्ट्रोक के लिए अलग से बेड आरक्षित करने, आवश्यक दवाइयों (जैसे ORS, IV Fluids आदि) की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा आपातकालीन कूलिंग उपकरणों एवं किट्स की व्यवस्था आदि पर जोर दिया गया। इसके साथ ही मरीजों और परिजनों के लिए शीतल पेयजल, प्रतीक्षालयों में छाया एवं कूलिंग सुविधाओं की व्यवस्था को भी प्राथमिकता दी गई है।
राज्य सरकार द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि स्वास्थ्य संस्थानों में प्रशिक्षित स्टाफ उपलब्ध रहे, जिन्हें हीट-रिलेटेड बीमारियों के उपचार प्रोटोकॉल का समुचित ज्ञान हो। इसके अतिरिक्त, गर्भवती महिलाओं, बच्चों एवं वृद्धजनों जैसे संवेदनशील वर्गों के लिए विशेष सावधानियां बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि निरीक्षण के दौरान केवल हीटवेव प्रबंधन ही नहीं, बल्कि फायर सेफ्टी, निःशुल्क दवा एवं जांच योजना, आईसीयू सुविधाओं की उपलब्धता, स्वच्छता व्यवस्था मौसमी बीमारियों की रोकथाम, टीबी मुक्त भारत अभियान जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं की भी गहन समीक्षा की गई है। अस्पतालों में फायर सेफ्टी उपकरणों की कार्यशीलता, मॉक ड्रिल, दवा स्टॉक, लैब जांच सुविधाओं एवं उपकरणों की स्थिति का भौतिक सत्यापन भी किया गया है। इसके साथ ही डेंगू, मलेरिया जैसी मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए सर्विलांस गतिविधियों, आइसोलेशन वार्ड, ब्लड बैंक की तैयारियों एवं फील्ड स्तर पर एंटी-लार्वा गतिविधियों की भी समीक्षा की गई, जिससे आने वाले समय में संभावित स्वास्थ्य चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके।
प्रमुख शासन सचिव ने बताया कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि प्रत्येक जिले में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह सुदृढ़ और तत्पर रहें, ताकि आमजन को समय पर गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सके। निरीक्षण के दौरान चिन्हित कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए गए हैं तथा जिला स्तर पर निरंतर मॉनिटरिंग एवं फीडबैक की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। हीटवेव एवं अन्य मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए हर स्तर पर प्रभावी एवं त्वरित कदम उठाए जा रहे हैं। इन प्रयासों से राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार हो रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश