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नई दिल्ली, 06 मई (हि.स.)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को दिल्ली सचिवालय से 13 मोबाइल हीट रिलीफ यूनिट्स को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन यूनिट्स का उद्देश्य भीषण गर्मी और हीटवेव के दौरान लोगों को राहत पहुंचाना है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राजधानी में लू के असर को कम करने के लिए तैयार किए गए ‘हीट एक्शन प्लान 2026’ की बुकलेट भी जारी की। उन्होंने कहा कि बढ़ती गर्मी और हीट वेव की चुनौती से निपटने के लिए दिल्ली सरकार व्यापक और जन-केंद्रित कदम उठा रही है ताकि नागरिकों को बेहतर सुरक्षा और राहत मिल सके।
इस अवसर पर पर्यावरण मंत्री सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा, समाज कल्याण मंत्री रवीन्द्र इन्द्राज सिंह उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि राहत को सीधे लोगों तक पहुंचाना है। बढ़ती गर्मी को देखते हुए सरकार ने सभी 13 जिलों के लिए 13 विशेष मोबाइल हीट रिलीफ यूनिट्स तैयार की हैं। ये यूनिट्स शहर के अलग-अलग हिस्सों में जाकर लोगों को तत्काल राहत उपलब्ध कराएंगी। ‘गर्मी से जंग, दिल्ली सरकार के संग’ केवल एक अभियान नहीं, बल्कि दिल्लीवासियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार ने इस वर्ष का हीट एक्शन प्लान पूरी तैयारी और समन्वय के साथ लागू किया है। यह प्लान शहर के हर वर्ग और हर व्यक्ति को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, विशेष रूप से दिहाड़ी और निर्माण श्रमिकों, रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं, बेघर व्यक्तियों, वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और बच्चों जैसे संवेदनशील वर्गों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। इसके अलावा, सरकार ने निर्माण कार्यों और खुले में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत दोपहर 1 बजे से 4 बजे तक बाहरी श्रम कार्यों को रोकने और विश्राम अवधि सुनिश्चित करने के निर्देश सार्वजनिक और निजी संस्थानों को दिए गए हैं। श्रमिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बच्चों को गर्मी और डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए सभी स्कूलों में ‘वॉटर बेल सिस्टम’ लागू किया गया है ताकि नियमित अंतराल पर बच्चों को पानी पीने के लिए प्रेरित किया जा सके। स्कूलों में दोपहर के समय आउटडोर गतिविधियों और असेंबली को भी रोक दिया गया है। इसके अतिरिक्त अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के मरीजों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। राजधानी के 339 से अधिक स्वास्थ्य केंद्रों में ओआरएस, आइस पैक और आवश्यक दवाइयों की अतिरिक्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है और विशेष ‘कूल रूम’ भी स्थापित किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार ने सरकारी भवनों में वाटर कूलर और पेयजल डिस्पेंसर लगाने की प्रक्रिया भी तेज कर दी है। दिल्ली सरकार का हीट एक्शन प्लान केवल तात्कालिक राहत तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें जागरूकता अभियान, हरित क्षेत्र बढ़ाने, जल संरक्षण, शहरी तापमान नियंत्रण और जलवायु अनुकूल बुनियादी ढांचे के विकास जैसे दीर्घकालिक उपाय भी शामिल हैं। सरकार द्वारा अलग-अलग माध्यमों से लोगों को हीटवेव से बचाव के उपायों के बारे में लगातार जागरूक किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने दिल्लीवासियों से अपील करते हुए कहा कि वे गर्मी के मौसम में अपने और अपने परिवार के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें, अधिक से अधिक पानी पिएं, धूप में बाहर निकलने से बचें और आवश्यकता पड़ने पर 112 हेल्पलाइन नंबर के माध्यम से मोबाइल हीट रिलीफ यूनिट्स की सहायता प्राप्त करें। दिल्ली सरकार हर परिस्थिति में नागरिकों के साथ खड़ी है और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि भीषण गर्मी के दौरान कोई भी व्यक्ति राहत और सहायता से वंचित न रहे।
इन चीजों से लैस होंगी मोबाइल हीट रिलीफ यूनिट्स : मोबाइल हीट रिलीफ यूनिट्स के माध्यम से नागरिकों को ठंडा और स्वच्छ पेयजल, ओआरएस पैकेट, प्राथमिक उपचार की सुविधा, कॉटन के गमछे और कैप उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रत्येक यूनिट में 400 से 500 लीटर क्षमता का ठंडे पानी का टैंक, फर्स्ट एड किट, ओआरएस वितरण व्यवस्था और आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध रहेगी। ये यूनिट्स प्रतिदिन सुबह 11 बजे से शाम 6 बजे तक उन स्थानों पर संचालित होंगी जहां अधिक भीड़ और गर्मी का प्रभाव अधिक रहता है, जैसे श्रमिक चौक, बस अड्डे, बाजार, झुग्गी क्षेत्र और अन्य संवेदनशील इलाके।
इसके अतिरिक्त, प्रत्येक जिले में 10 सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स की तैनाती की गई है, जो अगले तीन महीनों तक इन मोबाइल हीट रिलीफ यूनिट्स के संचालन में सहयोग करेंगे। प्रत्येक जिले में प्रतिदिन लगभग 1000 ओआरएस पैकेट, 300 कॉटन गमछे और 200 कैप वितरित किए जाएंगे। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए ईको-फ्रेंडली डिस्पोजेबल ग्लास और उचित वेस्ट कलेक्शन व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव