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नई दिल्ली, 06 मई (हि.स.)। दिल्ली सरकार आग की घटनाओं और उससे हो रही जन-धन की हानि को रोकने के लिए फायर फाइटिंग मास्टर प्लान तैयार कर रही है।
मुख्यमंत्री रेखा ने इस दिशा में त्वरित और ठोस कदम उठाते हुए संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे मात्र 10 दिनों के भीतर आग की घटनाओं के कारणों, जोखिम वाले क्षेत्रों, मौजूदा व्यवस्थाओं की खामियों और ठोस निवारक उपायों को शामिल करते हुए एक विस्तृत ब्लू प्रिंट तैयार करें और उनके सामने प्रस्तुत करें। उन्होंने यह भी कहा कि आग की घटनाओं से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करने के लिए भी त्वरित और प्रभावी कदम उठाएं।
मुख्यमंत्री ने आग की रोकथाम को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बुधवार को एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई। दिल्ली सचिवालय में आयोजित इस अहम बैठक में गृह एवं ऊर्जा मंत्री आशीष सूद, मुख्य सचिव राजीव वर्मा, अग्निशमन विभाग, दिल्ली नगर निगम, डीडीएमए, बिजली व अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में राजधानी में आग की घटनाओं के मौजूदा परिदृश्य, चुनौतियों और उनके स्थायी समाधान को लेकर व्यापक विचार-विमर्श किया गया।
मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा है कि आग की घटनाओं की रोकथाम के लिए संबंधित सभी विभागों को हर स्तर पर सशक्त, जवाबदेह और सक्रिय बनाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है, ताकि किसी भी प्रकार की लापरवाही या ढिलाई के लिए कोई स्थान न बचे। उन्होंने राजधानी में हाल के दिनों में हुई आग की घटनाओं पर गहरा दुख और चिंता व्यक्त करते हुए स्पष्ट चेतावनी दी कि इस मामले में किसी भी प्रकार की कोताही बरतने वाले अधिकारियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक में मुख्यमंत्री ने फायर विभाग को अपना स्टाफ बढ़ाने, नए फायर स्टेशन खोलने और आधुनिक उपकरण खरीदने के निर्देश दिए। इसके लिए सरकार बजट देने में कोई कमी नहीं करेगी। उन्होंने यह भी निर्देश जारी किए कि पूर्व की इस प्रकार की घटनाओं का आकलन कर एक प्रभावी मसौदा तैयार किया जाए ताकि हम न केवल आग की घटनाओं को कम कर सकें, बल्कि ऐसी घटनाओं के होने पर हर विभाग तेजी से कार्रवाई कर सके। ऐसा होने से जान की हानि को रोका जा सकेगा।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि आग की घटनाओं को नियंत्रित करने के लिए विभागों का समन्वित प्रयास जरूरी है। दिल्ली नगर निगम को ध्यान रखना चाहिए कि रिहायशी इलाकों में अनधिकृत निर्माण न हों। कॉलोनियों के रोड आदि पर अतिक्रमण न हो ताकि घटनास्थलों पर दमकल वाहनों की आवाजाही सुचारु रहे। उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों को भी निर्देश दिया कि वे बिजली कनेक्शन देते वक्त विशेष सावधानी बरतें और समस्याग्रस्त क्षेत्रों का लगातार दौरा कर वहां बिजली सिस्टम को भी जांचते रहें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आग कई कारणों से लग सकती है। सरकारी विभागों की जिम्मेदारी है कि उस पर तेजी से काबू पाया जा सके, जिससे जन-धन की हानि न हो। सरकार सभी विभागों की कार्यक्षमता को मजबूत करना चाहती है, ताकि देश की राजधानी में आग की घटनाएं कम हों और अगर होती भी हैं तो उन्हें जल्द से जल्द काबू किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजधानी में आग की बढ़ती घटनाओं और उससे हो रही जन-धन की हानि को रोकने और भविष्य में प्रभावी नियंत्रण के लिए सरकार एक व्यापक और मजबूत फायर फाइटिंग मास्टर प्लान बनाएगी। उन्होंने संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे मात्र 10 दिनों के भीतर आग की बढ़ती घटनाओं के कारणों, जोखिम वाले क्षेत्रों, मौजूदा व्यवस्थाओं की खामियों और ठोस निवारक उपायों को शामिल करते हुए एक विस्तृत ब्लू प्रिंट तैयार करें और सरकार के सामने पेश करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विभागों से मिले इनपुट के आधार पर ठोस व प्रभावी फायर फाइटिंग मास्टर प्लान बनाया जाएगा ताकि गर्मी के दौरान आग की बढ़ती घटनाओं को जल्द नियंत्रित किया जा सके। आग की घटनाओं के प्रति दिल्ली के लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान भी चलाया जाएगा। लोगों को बताया जाएगा कि वे अपने घरों व बाहरी इलाकों में आग से बचाव के उपाय करें। सरकार रिहायशी इलाकों में मॉक ड्रिल भी चलाएगी।
वहीं, दिल्ली के गृह एवं ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि सरकार आगामी 25 वर्षों तक राजधानी को आग से बचाने के लिए अग्निशमन विभाग को मजबूत करेगी और उसी हिसाब से विभाग को आधुनिक उपकरण व मशीनें उपलब्ध कराई जाएंगी। दिल्ली को आग की घटनाओं से बचाने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जाना जरूरी है। सरकार आरडब्ल्यूए, बाजारों, विभिन्न संगठनों व धार्मिक स्थलों के साथ मिलकर जागरूकता अभियान चलाएगी। इस अभियान को और मजबूत बनाने के लिए विभिन्न विभागों को भी शामिल किया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव