बरेली परिक्षेत्र में डिजिटल गन्ना सर्वे शुरू, 30 जून तक होगा पूरा
01 मई से डिजिटल गन्ना सर्वे शुरू, 30 जून तक होगा पूरा; किसानों को ऑनलाइन घोषणा-पत्र अनिवार्य
उप गन्ना आयुक्त राजेश मिश्र


बरेली, 6 मई (हि.स.) । आगामी पेराई सत्र 2026-27 को लेकर बरेली परिक्षेत्र में गन्ना सर्वेक्षण कार्य 01 मई से शुरू कर दिया गया है। उप गन्ना आयुक्त राजेश मिश्र ने बताया कि इस बार नई गन्ना सर्वेक्षण नीति लागू की गई है, जिसके तहत सर्वे प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाया गया है। सर्वे कार्य स्मार्ट गन्ना किसान प्रोजेक्ट के अंतर्गत जीपीएस तकनीक के माध्यम से किया जा रहा है, जिससे गन्ना क्षेत्रफल का सटीक आकलन सुनिश्चित हो सके।

उन्होंने बताया कि किसानों द्वारा बोए गए गन्ना क्षेत्रफल का पूरा विवरण एसजीके (स्मार्ट गन्ना किसान) पोर्टल पर उपलब्ध रहेगा। प्रत्येक किसान को अपना घोषणा-पत्र ऑनलाइन भरना अनिवार्य किया गया है। यदि कोई किसान निर्धारित समय सीमा में घोषणा-पत्र जमा नहीं करता है, तो उसका गन्ना सट्टा पेराई सत्र 2026-27 में किसी भी समय निरस्त किया जा सकता है।

उप गन्ना आयुक्त ने बताया कि सर्वे प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। सर्वे टीम के गांव में पहुंचने की तिथि, टीम इंचार्ज का नाम और मोबाइल नंबर किसानों को सर्वे से तीन दिन पहले एसएमएस के जरिए भेजा जाएगा। इससे किसान समय रहते तैयार रह सकेंगे और सर्वे के दौरान उपस्थित रहकर अपनी जानकारी सही दर्ज करा सकेंगे।

सर्वेक्षण कार्य संयुक्त टीम के माध्यम से किया जा रहा है, जिसमें राजकीय गन्ना पर्यवेक्षक, संबंधित चीनी मिल के कर्मचारी और संबंधित सर्किल के किसान की उपस्थिति अनिवार्य की गई है। प्रत्येक सर्किल के लिए एक इंचार्ज भी नियुक्त किया गया है, जो पूरे सर्वे कार्य की निगरानी करेगा।

उन्होंने बताया कि सर्वे के दौरान जीपीएस के उपयोग के साथ-साथ कम्प्यूटरीकृत गश्ती केन सर्वे रजिस्टर में भी पूरी जानकारी दर्ज की जाएगी। रजिस्टर के प्रत्येक पृष्ठ पर सर्वे टीम के हस्ताक्षर अनिवार्य होंगे, जिससे रिकॉर्ड की प्रमाणिकता सुनिश्चित की जा सके।

परिक्षेत्र की सभी चीनी मिलों में सर्वेक्षण कार्य शुरू हो चुका है और इसे 30 जून तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। सर्वे समाप्त होने के बाद कम्प्यूटरीकृत गश्ती केन सर्वे रजिस्टर में गन्ना क्षेत्रफल का सारांश तैयार किया जाएगा। इसके बाद संबंधित चीनी मिल के सर्वे कर्मी, विभागीय गन्ना पर्यवेक्षक, समिति कार्मिक, ब्लॉक इंचार्ज, ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक और चीनी मिल के महाप्रबंधक (गन्ना) के संयुक्त हस्ताक्षर के बाद आंकड़ों को अंतिम रूप दिया जाएगा।

उप गन्ना आयुक्त ने किसानों से अपील की है कि वे सर्वेक्षण के समय अपने खेत पर मौजूद रहें और अपनी उपस्थिति में सर्वे कार्य कराएं, ताकि किसी प्रकार की त्रुटि या विवाद की स्थिति न बने। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि किसानों की समस्याओं का समाधान भी तेजी से किया जा सकेगा।

हिन्दुस्थान समाचार / देश दीपक गंगवार