पूसीरे ने चाय कंटेनर के परिवहन को बढ़ावा देने के लिए स्टेकधारकों के साथ की बैठक
गुवाहाटी, 06 मई (हि.स.)। रेलवे द्वारा कंटेनर के ज़रिए चाय परिवहन को बढ़ावा देने के लिए, पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (पूसीरे) ने बुधवार को अपने जोनल मुख्यालय, मालीगांव में चाय उद्योग के प्रमुख स्टेकधारकों, जिसमें लॉजिस्टिक्स ऑपरेटर, चाय संगठनों, निर्यात
पूसीरे मुख्यालय में बुधवार को चाय कंटेनर के परिवहन को बढ़ावा देने के लिए स्टेकधारकों के साथ आयोजित बैठक का दृश्य


गुवाहाटी, 06 मई (हि.स.)। रेलवे द्वारा कंटेनर के ज़रिए चाय परिवहन को बढ़ावा देने के लिए, पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (पूसीरे) ने बुधवार को अपने जोनल मुख्यालय, मालीगांव में चाय उद्योग के प्रमुख स्टेकधारकों, जिसमें लॉजिस्टिक्स ऑपरेटर, चाय संगठनों, निर्यातक और उत्पादक शामिल थे, के साथ एक बैठक आयोजित की।

पूसीरे के सीपीआरओ कपिंजल किशोर शर्मा ने बताया कि असम प्रति वर्ष लगभग 160 मिलियन किलोग्राम निर्यात-उन्मुख चाय का उत्पादन करता है। कुशल लॉजिस्टिक्स को बढ़ावा देने संबंधी बढ़ती मांग को देखते हुए, इस पहल का उद्देश्य रेल-आधारित कंटेनर सेवाओं के माध्यम से चाय की खेप के परिवहन को बढ़ावा देना है। इन सेवाओं के कई फायदे हैं, जैसे कि लागत-प्रभावशीलता, विश्वसनीयता, तेज़ परिवहन, हैंडलिंग के दौरान होने वाले नुकसान को कम करना और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन। पूर्वोत्तर क्षेत्र और आस-पास के इलाकों में चाय उद्योग की जरूरतों को पूरा करने, माल परिवहन के बुनियादी ढांचे को मज़बूत करने और ग्राहक-केंद्रित लॉजिस्टिक्स समाधान विकसित करने की दिशा में पूसीरे निरंतर काम कर रहा है।

बैठक के दौरान, रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों, चाय उद्योग के प्रतिनिधियों, लॉजिस्टिक्स ऑपरेटरों और अन्य स्टेकधारकों ने चाय परिवहन के लिए रेल कनेक्टिविटी, परिचालन समन्वय और कंटेनर हैंडलिंग की सुविधाओं को बेहतर बनाने के विभिन्न उपायों पर चर्चा की। बातचीत का मुख्य केंद्र उन रणनीतियों पर भी रहा, जिनके ज़रिए कुशल, निर्बाध और ग्राहक-अनुकूल परिवहन सेवाओं के माध्यम से रेलवे द्वारा चाय के अधिकाधिक परिवहन को आकर्षित किया जा सके।

पूसीरे ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान माल परिवहन कार्यों में सराहनीय प्रदर्शन किया है। इसने कुल 11.4 मिलियन टन (एमटी) माल की लोडिंग कर पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 6% की वृद्धि दर्ज की। सामग्रियों की हैंडलिंग में भी काफी सुधार देखा गया, जहां वित्त वर्ष 2024-25 में अनलोडिंग 12,346 रेक से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में 13,034 रेक हो गई, यानी 688 रेक की वृद्धि हुई। इस क्षेत्र में माल लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर को और अधिक मजबूत करने के लिए, पूसीरे

आधुनिक माल टर्मिनल और मल्टीमॉडल कार्गो हैंडलिंग सुविधाओं का विकास और संचालन भी कर रहा है। मिज़ोरम के सायरंग और नागालैंड के मॉलवॉम में निर्मित नए टर्मिनलों के अलावा अन्य टर्मिनलों से, पूर्वोत्तर राज्यों में सामग्रियों की पहुंच और कनेक्टिविटी में काफ़ी सुधार होने की उम्मीद है। इसके अलावा, पूरे ज़ोन में गति शक्ति कार्गो टर्मिनलों का विकास कुशल कार्गो एकत्रीकरण, कंटेनर हैंडलिंग और फर्स्ट-माइल-लास्ट-माइल कनेक्टिविटी की क्षमता को बढ़ा रहा है, जिससे चाय उत्पादकों और निर्यातकों सहित विभिन्न उद्योगों के लिए रेल परिवहन को अधिक से अधिक अपनाने के बेहतर अवसर पैदा हो रहे हैं।

यह पहल पूर्वोत्तर क्षेत्र में माल परिवहन के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने, सतत परिवहन को बढ़ावा देने और आर्थिक तथा औद्योगिक विकास को सहयोग देने के लिए ग्राहक-केंद्रित लॉजिस्टिक्स समाधान उपलब्ध कराने के प्रति एनएफआर की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।--------------------

हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय