बिहार पेंशनर समाज की जिला बैठक सम्पन्न , सरकार पर पेंशनर विरोधी रवैये का आरोप
सुपौल, 05 मई (हि.स.)। बिहार पेंशनर समाज जिला शाखा सुपौल की एक महत्वपूर्ण जिला स्तरीय बैठक बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ भवन में सोमवार को सम्पन्न की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला सभापति सत्यनारायण चौधरी ने की । बैठक में केन्द्र एवं राज्य सरकार पर वर्षों
बैठक


सुपौल, 05 मई (हि.स.)। बिहार पेंशनर समाज जिला शाखा सुपौल की एक महत्वपूर्ण जिला स्तरीय बैठक बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ भवन में सोमवार को सम्पन्न की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला सभापति सत्यनारायण चौधरी ने की ।

बैठक में केन्द्र एवं राज्य सरकार पर वर्षों से पेंशनर की मूलभूत एवं संवैधानिक मांगों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया गया। बैठक में वक्ताओं ने सरकार को घोर कर्मचारी, पदाधिकारी एवं पेंशनर विरोधी बताते हुए दोहरा चरित्र होने का आरोप लगाया गया।

पेंशनर समाज के नेताओं ने कहा कि पेंशनर अपने जीवन का बड़ा हिस्सा देश एवं राज्य की सेवा में समर्पित कर देते हैं लेकिन सेवा निवृत्ति के बाद उन्हें अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ता है। पेंशनर द्वारा केन्द्र एवं राज्य सरकार से पेंशनरों का कई वर्षों से लम्बित मूलभूत एवं संवैधानिक मांगों की शीघ्र पूर्ति के लिए मांग की जाती रही लेकिन सरकार एक भी मांगों की पुर्ति आज तक नहीं कर सकी । जिसके लिए पेंशनर समाज में घोर आक्रोश व्याप्त है।

बैठक में सरकार को चेतावनी दी गई कि पेंशनरों का लम्बित बकाया मूलभूत मांगें कोराना काल में जबरन काटी गई तीन किस्त मंहगाई भत्ता शीघ्र भुगतान, कोराना में आर्थिक मंदी के नाम पर मनमोहन सिंह सरकार द्वारा प्रदत्त वरिष्ठ नागरिकों एवं पेंशनरों को रेल , बस , एवं हवाई यात्रा की भाड़े में दी गई 50 प्रतिशत की छुट को तत्काल बहाल करने, पेंशनर को 80 वर्ष की आयु होने पर 20 प्रतिशत पेंशन मूल पेंशन में जोड़ने की नीति को ग़लत बताते हुए इसे समाप्त करने और हर पांच वर्ष पर पांच प्रतिशत पेंशन मूल पेंशन में जोड़ने का आदेश शीघ्र जारी करने, पेंशनर को आयुष्मान कार्ड निर्गत का लाभ 70 वर्षों को घटाकर वरीय नागरिक होने की सीमा 60 वर्ष करने, तथा सर्वोच्च न्यायालय का आदेश के आलोक में कार्यरत कर्मचारियों एवं पदाधिकारीयों के लिए पुरानी पेंशन योजना को तत्काल लागू करने की मांग की गई, साथ ही देश में विधायक और सांसदों को दी जा रही चार चार -पांच पांच गैरसंवैधानिक पेंशन को बन्द करने की जोरदार मांग बैठक में की गई। पुरानी पेंशन लागू करने का पूर्व के सर्वोच्च न्यायालय का आदेश का पालन नहीं करने वाली कोई भी सरकार हो वह घोर संविधान एवं लोकतंत्र विरोधी सरकार होने का आरोप लगाया गया।

बैठक में जिला पदाधिकारी से अन्य जिला की भांति सुपौल में भी पेंशनर समाज का कार्यालय, सभा एवं रहने ठहरने के लिए भू-खण्ड अथवा खाली पड़ा सरकारी आवास आवंटन करने की मांग की गई। बैठक में पेंशनर समाज का जिस प्रखंड एवं अनुमंडल में गठन नहीं हुआ है वहां शीघ्र कमेटी गठन करने का निर्णय लिया गया। ताकि पेंशनर की लम्बित मांगों की पूर्ति के लिए आगे होने वाली आन्दोलन को ताकत मिल सके ।बैठक में सभापति सत्यनारायण चौधरी, जिला सचिव माधव प्रसाद सिंह, सीताराम यादव, किशोर कुमार पाठक, विन्देश्वरी प्रसाद यादव, सुनील कुमार सिंह, नारायण ऋषीदेव, नारायण पौद्दार, खगेश्वर यादव, के डी सिंह, शिवनारायण पासवान, मो जियाउल्लाह, देवेन्द्र केशरी, गंगा चौधरी, परमेश्वरी पासवान, लीलाधर झा, रामचन्द्र झा फौजी, राजेन्द्र महतो, कुमदानन्द मंडल एवं कृष्ण कान्त झा सहित अन्य ने भाग लिया।

हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र