Enter your Email Address to subscribe to our newsletters

लखनऊ, 05 मई (हि.स.)। भारत में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के लाभ के चलते उत्तर प्रदेश के लाखों परिवारों को अब बीमारी के समय आर्थिक संकट से जूझना नहीं पड़ता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में स्वास्थ्य सुरक्षा का अभूतपूर्व अध्याय लिखा जा रहा है। इस दिशा में बागपत जनपद ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। लक्ष्य के सापेक्ष 94 प्रतिशत से भी अधिक परिवारों को जिले में योजना से जोड़ा जा चुका है।
उम्मीद और सुरक्षा का प्रतीक बना आयुष्मान कार्ड
डबल इंजन सरकार की इस पहल ने गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए इलाज को सुलभ बना दिया है। अब पात्र परिवारों को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज सरकारी और निजी दोनों अस्पतालों में उपलब्ध हो रहा है।
जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने बताया कि आयुष्मान कार्ड आज लोगों के लिए उम्मीद और सुरक्षा का प्रतीक बन चुका है। इससे न केवल इलाज संभव हुआ है, बल्कि लोगों का आत्मविश्वास भी बढ़ा है। इसके अंतर्गत साढ़े तीन लाख से ज्यादा लोगों को योजना के दायरे में लाया गया है।
बागपत बना मॉडल : 123 करोड़ से अधिक का क्लेम
बागपत में आयुष्मान योजना के तहत 123 करोड़ रुपये से अधिक का क्लेम दर्ज किया गया है। यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि योजना केवल कागजों तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर लोगों के जीवन को बदल रही है।
श्वेता को मिला नया जीवन
बड़ौत की रहने वाली श्वेता कूल्हे की गंभीर समस्या से जूझ रहीं थीं। चलना-फिरना लगभग बंद हो चुका था और 2 लाख रुपये का ऑपरेशन कराना उनके परिवार के लिए संभव नहीं था। तभी आयुष्मान कार्ड ने उनकी जिंदगी बदल दी। सूचीबद्ध अस्पताल में उनका ऑपरेशन निःशुल्क हुआ और आज वे सामान्य जीवन जी रही हैं।
हर वर्ग को मिला भरोसा, हर घर तक पहुंची राहत
बिलोचपुरा की महरोजा और खिंदौड़ा के मनोज कुमार जैसे अनेक लाभार्थियों की कहानियां इस योजना के प्रभाव को दर्शाती हैं। पहले जहां बीमारी का नाम सुनते ही लोग घबरा जाते थे, वहीं अब आयुष्मान कार्ड ने उन्हें यह भरोसा दिया है कि इलाज संभव है और जीवन सुरक्षित है।
जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने बताया कि आयुष्मान योजना के अंतर्गत सभी वृद्धावस्था पेंशनधारकों का शत-प्रतिशत कवरेज (सैचुरेशन) किया गया। इसके अलावा सभी शिक्षकों, कर्मचारियों एवं शिक्षा मित्रों के माता-पिता को योजना से जोड़ा गया है। वहीं, जनप्रतिनिधियों के माता-पिता को भी आयुष्मान योजना के दायरे में लाया गया है।
----------
हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन