पंजाब के कबड्डी प्रमोटर हत्याकांड का अंतिम शूटर त्रिपुरा से गिरफ्तार
- आदित्य उर्फ मक्खण ने विदेशी हैंडलरों के इशारे पर की थी हत्या चंडीगढ़, 04 मई (हि.स.)। पंजाब पुलिस की एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ने केंद्रीय एजेंसियों और त्रिपुरा पुलिस के साथ संयुक्त ऑपरेशन में कबड्डी प्रमोटर कंवर दिग्विजय सिंह उर्फ रा
पंजाब पुलिस द्वारा त्रिपुरा से गिरफ्तार कर लाया गया शूटर


- आदित्य उर्फ मक्खण ने विदेशी हैंडलरों के इशारे पर की थी हत्या

चंडीगढ़, 04 मई (हि.स.)। पंजाब पुलिस की एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ने केंद्रीय एजेंसियों और त्रिपुरा पुलिस के साथ संयुक्त ऑपरेशन में कबड्डी प्रमोटर कंवर दिग्विजय सिंह उर्फ राणा बलाचौरिया की हत्या के शूटरों में से एक आदित्य उर्फ मक्खण को त्रिपुरा के अगरतला से गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने सोमवार को बताया कि गिरफ्तार किया गया आदित्य उर्फ मक्खण अमृतसर का रहने वाला है।उसका आपराधिक इतिहास रहा है और उसके खिलाफ कत्ल, कत्ल की कोशिश, जबरन वसूली, हथियार के बल पर लूट-खसोट, एनडीपीएस, आर्म्स एक्ट आदि से संबंधित कम से कम 14 मामले दर्ज हैं। हत्या में शामिल दो अन्य शूटरों करन पाठक उर्फ करन डिफॉल्टर और तरनदीप सिंह को पश्चिम बंगाल के हावड़ा से उनके साथी आकाशदीप समेत गिरफ्तार किया जा चुका है।

पुलिस के अनुसार 15 दिसंबर, 2025 को एसएएस नगर के गांव सोहाणा में एक कबड्डी टूर्नामेंट के दौरान हमलावरों ने राणा बलाचौरिया को गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस केस में अब तक तीन शूटरों समेत कुल छह मुलजिमों को गिरफ्तार किया जा चुका है। शूटरों को लॉजिस्टिक सहायता प्रदान करने के आरोप में दो मुलजिमों ऐशदीप सिंह और दविंदर को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था।

डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि विदेशी हैंडलरों के निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार मुलजिम आदित्य उर्फ मक्खण ने अपने साथियों के साथ मिलकर इस कत्ल को अंजाम दिया। डीजीपी ने कहा कि जब आदित्य के साथियों को एजीटीएफ ने गिरफ्तार किया था, तब से ही मुलजिम आदित्य फरार था और गिरफ्तारी से बच रहा था। उन्होंने यह भी कहा कि इस सनसनीखेज कत्ल केस में शामिल सभी मुलजिमों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

कार्रवाई संबंधी विवरण साझा करते हुए एडीजीपी एजीटीएफ प्रमोद बान ने कहा कि आदित्य कपूर उर्फ मक्खण के ठिकाने की जानकारी खुफिया स्रोत से इनपुट प्राप्त हुई थी। इस जानकारी पर कार्रवाई करते हुए “शैडो हंट” नाम से एक अंतरराज्यीय ऑपरेशन चलाया गया और डीएसपी राजन परमिंदर सिंह की निगरानी में एक पुलिस टीम को त्रिपुरा के अगरतला भेजा गया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय एजेंसियों और स्थानीय पुलिस के सहयोग से एजीटीएफ टीम ने गिरफ्तार कर लिया।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा