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जगदलपुर, 04 मई (हि.स.)। बस्तर के युवाओं के रगों में दौड़ते देश सेवा के जज्बे को अब सही दिशा और सटीक मार्गदर्शन मिल गया है। भारतीय थल सेना में अग्निवीर बनकर मातृभूमि की रक्षा का सपना देखने वाले युवाओं के लिए जिला प्रशासन की विशेष पहल धरातल पर उतर आई है। धरमपुरा स्थित ज्ञानगुड़ी में अग्निवीर थलसेना की लिखित परीक्षा की तैयारी के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन कोचिंग का विधिवत शुभारंभ हो चुका है।
जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र जगदलपुर द्वारा संचालित यह विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम 4 मई से शुरू होकर आगामी 4 जून तक निरंतर जारी रहेगा। इस एक माह के सघन क्रैश कोर्स का मुख्य उद्देश्य बस्तर के युवाओं को सेना की आधुनिक ऑनलाइन कंप्यूटर आधारित परीक्षा के पैटर्न से रूबरू कराना है।
प्रशासन ने इस अभियान की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी संसाधनों और विषय विशेषज्ञों के चयन पर विशेष जोर दिया है, ताकि प्रशिक्षण की गुणवत्ता राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा के अनुरूप हो। प्रशिक्षण के सुचारू संचालन के लिए प्रशासन ने पहले ही अनुभवी कोचिंग संस्थाओं से आवेदन आमंत्रित किए थे, जिसके तहत चयनित विशेषज्ञ अब युवाओं को परीक्षा की बारीकियां सिखा रहे हैं। जो संस्थाएं इस पुनीत कार्य में सहभागी बनना चाहती हैं, उनके लिए प्रशासन ने आवेदन की प्रक्रिया को भी सुगम बनाया है। इच्छुक शैक्षणिक संस्थान आड़ावाल स्थित कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से या विभागीय ईमेल के माध्यम से अपने प्रस्ताव साझा कर रहे हैं।
वर्तमान में ज्ञानगुड़ी में प्रशिक्षण ले रहे युवाओं के उत्साह को देखकर यह स्पष्ट है कि प्रशासन की यह योजना बस्तर के भविष्य के अग्निवीरों के लिए मील का पत्थर साबित होगी। विशेषज्ञों की देख-रेख में चल रही इन कक्षाओं के माध्यम से अब बस्तर का युवा न केवल शारीरिक दक्षता में, बल्कि बौद्धिक और तकनीकी मोर्चे पर भी भारतीय सेना की कसौटियों पर खरा उतरने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह विशेष प्रशिक्षण सत्र अब उन हजारों उम्मीदों को पंख दे रहा है, जो सेना की वर्दी पहनकर देश का गौरव बढ़ाने का संकल्प ले चुके हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे