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उदयपुर, 04 मई (हि.स.)। जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत ने सोमवार को उदयपुर प्रवास के दौरान सर्किट हाउस में विभागीय अधिकारियों की संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित कर उदयपुर संभाग की प्रमुख जल परियोजनाओं की प्रगति का विस्तृत आकलन किया। बैठक में विभिन्न योजनाओं की वर्तमान स्थिति, सामने आ रही चुनौतियों तथा आगामी कार्ययोजना पर गहन चर्चा की गई।
मंत्री रावत ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि सभी परियोजनाओं में कार्य की गुणवत्ता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार हर व्यक्ति तक पेयजल और हर खेत तक सिंचाई जल पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। ऐसे में इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं।
बैठक के दौरान जाखम-जयसमंद-बड़गांव-मातृकुंडिया परियोजना की डीपीआर पर विशेष रूप से चर्चा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना के क्रियान्वयन से पूर्व सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएं, ताकि स्वीकृति मिलते ही कार्य शीघ्र शुरू किया जा सके।
इसके अलावा देवास परियोजना के तृतीय एवं चतुर्थ चरणों के तहत चल रहे कार्यों की भी समीक्षा की गई। मंत्री रावत ने वन क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से विचार करते हुए संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए, ताकि परियोजनाओं की गति प्रभावित न हो।
राजसमंद जिले में बगोलिया फीडर, खरीफ फीडर सहित अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं और मुख्यमंत्री बजट घोषणाओं के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की प्रगति का भी विस्तृत मूल्यांकन किया गया। बैठक में जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य अभियंता वीरेंद्र सिंह सागर सहित उदयपुर संभाग के सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनीता