Enter your Email Address to subscribe to our newsletters

मंडला, 04 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मंडला जिले के मोहगांव थाना क्षेत्र में सोमवार को एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जहां कर्तव्यनिष्ठा और साहस का परिचय देते हुए एक पुलिस आरक्षक ने अपनी जान गंवा दी। देवगांव स्थित नर्मदा और बुढ़नेर नदी के संगम पर स्नान के दौरान अपनी बच्चियों को बचाने के प्रयास में एक आरक्षक गहरे पानी में डूब गया। हालांकि उनकी बच्चियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
जानकारी के अनुसार, आरक्षक शिवलाल परस्ते पिछले करीब 11 महीनों से मोहगांव थाने में पदस्थ थे। उनकी पत्नी बिछिया क्षेत्र में शिक्षिका हैं और बच्चे भी वहीं रहते थे। इन दिनों छुट्टियों के चलते परिवार मोहगांव आया हुआ था। सोमवार को सभी देवगांव संगम घूमने और स्नान के लिए गए थे।
बताया गया कि स्नान के दौरान उनका बेटा अचानक गहरे पानी में चला गया। उसे बचाने के लिए उनकी दो बेटियां भी पानी में उतर गईं, लेकिन वे भी डूबने लगीं। यह देख शिवलाल परस्ते बिना देर किए पानी में कूद पड़े। उन्होंने और वहां मौजूद लोगों ने मिलकर बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन इस प्रयास में वे खुद गहराई में समा गए।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। काफी मशक्कत के बाद उनका शव बाहर निकाला गया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। एडिशनल एसपी शिवकुमार वर्मा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि आरक्षक ने साहस और मानवता का परिचय देते हुए बच्चों की जान बचाई, लेकिन खुद को नहीं बचा सके। एक बच्ची की तबीयत बिगड़ने की सूचना थी, हालांकि अब उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। प्रशासन की ओर से तत्काल राहत के रूप में 50 हजार रुपए की सहायता राशि प्रदान की गई है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे