उत्साह, रोमांच और पारंपरिक आस्था के साथ मनाया कठबद्दी मेला
पौड़ी गढ़वाल, 04 मई (हि.स.)। खिर्सू विकासखंड के कोठगी गांव में आयोजित ऐतिहासिक कठबद्दी मेला इस वर्ष भी पूरे उत्साह, रोमांच और पारंपरिक आस्था के साथ मनाया गया। हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालु और दर्शक इस अद्भुत लोक आयोजन के साक्षी बने। कैबिनेट
उत्साह, रोमांच और पारंपरिक आस्था के साथ मनाया कठबद्दी मेला


पौड़ी गढ़वाल, 04 मई (हि.स.)। खिर्सू विकासखंड के कोठगी गांव में आयोजित ऐतिहासिक कठबद्दी मेला इस वर्ष भी पूरे उत्साह, रोमांच और पारंपरिक आस्था के साथ मनाया गया। हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालु और दर्शक इस अद्भुत लोक आयोजन के साक्षी बने।

कैबिनेट मंत्री डा.धन सिंह रावत ने भी मेले में भगवान का आशीर्वाद लिया। मेले के तहत बीते रविवार सुबह से ही गांव में पूजा-अर्चना का क्रम शुरू हो गया था। देव मंडल के साथ रातभर जागरण चला, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। सोमवार सुबह देव स्नान के बाद पुन विधिवत पूजा-अर्चना हुई और कुलदेवता के अवतरण के साथ ही बहुप्रतीक्षित कठबद्दी की रस्म की तैयारियां शुरू हो गईं।

पंचायती चौक से शुरू हुई इस अनूठी परंपरा में कठबद्दी का विशेष श्रृंगार आकर्षण का केंद्र रहा-सिर पर पगड़ी, हाथों में तलवार और ढाल, माथे पर लाल टीका, कमर में तलवार और बाजूबंद में सजी चुनिया। जैसे ही ढोल-दमाऊ की गूंज के बीच कठबद्दी को गांव के ऊपरी हिस्से की ओर ले जाया गया, वैसे ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। स्थानीय लोगों ने परंपरा के अनुसार रस्सियों के सहारे कठबदी को खिसकाया। ढोल-दमाऊ की थाप के साथ माहौल और भी रोमांचक हो उठा।

कुलदेवता के जयकारों से पूरा गांव गूंज उठा और श्रद्धालु आशीर्वाद लेते नजर आए। कुशल शिल्पियों की मदद से करीब 500 मीटर की दूरी पलक झपकते ही पूरी कर ली गई, जिसे देख हर कोई रोमांचित हो उठा। कार्यक्रम के समापन पर विधिवत पूजा-अर्चना की गई। दूर-दूर से पहुंची श्रद्धालु महिलाओं (ध्यानियों) ने घंडियाल देवता को घंटे भेंट कर अपनी आस्था प्रकट की।

मेले के दौरान इंटर कॉलेज खिर्सू के मैदान में लगी दुकानों-विशेषकर चाऊमीन और जलेबी-पर लोगों की खासी भीड़ देखने को मिली। मेला समिति के अनुसार, इस वर्ष पिछले वर्षों की तुलना में मेलार्थियों (कौथीगेरौं) की संख्या अधिक रही, जिससे आयोजन और भी भव्य बन गया।

हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह