जबलपुर हादसा: पिता-पुत्र के शव ले जाने से फ्लाइट ऑपरेटर का इनकार, समझाइश के बाद रवाना हुई उड़ान
जबलपुर, 04 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के जबलपुर में हुए बरगी क्रूज हादसे के बाद पीड़ित परिवारों की पीड़ा कम होने का नाम नहीं ले रही है। इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले पिता-पुत्र के शव को उनके गृह राज्य भेजने में भी संवेदनशीलता की कमी देखने को मि
पिता-पुत्र के शव ले जाने से फ्लाइट ऑपरेटर का इनकार


जबलपुर, 04 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के जबलपुर में हुए बरगी क्रूज हादसे के बाद पीड़ित परिवारों की पीड़ा कम होने का नाम नहीं ले रही है। इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले पिता-पुत्र के शव को उनके गृह राज्य भेजने में भी संवेदनशीलता की कमी देखने को मिली।

सोमवार सुबह डुमना एयरपोर्ट पर उस वक्त असहज स्थिति बन गई, जब फ्लाइट ऑपरेटर ने आर्डनेंस फैक्ट्री के कर्मचारी कामराज आर और उनके 5 वर्षीय बेटे श्रीतमिल के शव को विमान में ले जाने से इनकार कर दिया। ऑपरेटर का कहना था कि शवों से दुर्गंध आ रही है और वे उन्हें इस स्थिति में ले जाने में असमर्थ हैं। यह जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाला। आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर शवों पर स्प्रे कराया गया, साथ ही कॉफिन की दोबारा सीलिंग की गई। इसके बाद करीब एक घंटे की देरी से विमान ने त्रिची के लिए उड़ान भरी।

गौरतलब है कि 30 अप्रैल को बरगी डैम में मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग का क्रूज डूबने से 13 लोगों की मौत हो गई थी। मृतकों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। कामराज आर मूल रूप से तमिलनाडु के त्रिची के निवासी थे और 2010 से आर्डनेंस फैक्ट्री में कार्यरत थे। इस हादसे में उनके परिवार को गहरा आघात लगा है। जहां पिता और छोटे बेटे की मृत्यु हो गई, वहीं परिवार का एक सदस्य ही जीवित बच सका। श्रीतमिल का शव दो मई को मिला था जबकि कामराज की लाश 3 मई की सुबह मिली। रविवार शाम को ही कामराज और श्रीतमिल का शव लेकर खमरिया अस्पताल से एम्बुलेंस डुमना एयरपोर्ट के लिए रवाना हुई। रांझी पहुंचने पर जानकारी मिली कि त्रिची का मौसम खराब है, विमान लैंड नहीं कर पाएगा। इस पर एम्बुलेंस वापस अस्पताल आ गई और दोनों शव मरचुरी में रखवा दिए गए।

आर्डनेंस फैक्ट्री में कामराज के सहकर्मी सुरेश कन्ना ने बताया कि सोमवार सुबह 6 बजे तय समय पर एम्बुलेंस से शव लेकर डुमना एयरपोर्ट पहुंच गए थे। साढ़े 7 बजे जेट सर्व एविएशियन कंपनी का चार्टेड प्लेन आया। इसे मध्य प्रदेश सरकार ने हायर किया था। जैसे ही बॉडी उसमें रखी गईं, फ्लाइट ऑपरेटर ने कहा कि शवों से बदबू आ रही है, ऐसे में उनको नहीं ले जाया जा सकता। मामले की जानकारी कलेक्टर राघवेंद्र सिंह को लगी तो उन्होंने रांझी एसडीएम मोनिका वाघमारे और तहसीलदार आदर्श जैन को एयरपोर्ट भेजा। उन्होंने स्प्रे की व्यवस्था की। दोनों शवों की दोबारा कॉफिन में टेपिंग की गई। इसके बाद करीब 9 बजे फ्लाइट त्रिची के लिए रवाना हो सकी।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे