बस्तर अब शांति और विश्वास का गढ़, विकास के लिए नवाचार जरूरी - रमेन डेका
जगदलपुर, 04 मई (हि.स.)। छतीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि बस्तर अब शांति और विश्वास का गढ़ बन चुका है, ऐसे में यहां शिक्षा, स्वास्थ्य, जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और आजीविका संवर्धन के क्षेत्र में नवाचार आधारित कार्यों को प्राथमिकता दी जानी च
बस्तर अब शांति और विश्वास का गढ़, विकास के लिए नवाचार जरूरी -  रमेन डेका


जगदलपुर, 04 मई (हि.स.)। छतीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि बस्तर अब शांति और विश्वास का गढ़ बन चुका है, ऐसे में यहां शिक्षा, स्वास्थ्य, जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और आजीविका संवर्धन के क्षेत्र में नवाचार आधारित कार्यों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए । उन्होंने कहा कि बदलते बस्तर की इस सकारात्मक छवि को आगे बढ़ाने के लिए योजनाबद्ध और अभिनव प्रयास जरूरी हैं।

राज्यपाल रमेन डेका ने सोमवार को कलेक्टोरेट जगदलपुर के प्रेरणा सभाकक्ष में बस्तर जिले के विकासखंड स्तरीय अधिकारियों की बैठक को संबोधित करते हुए उक्त बातें कही। उन्होंने जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण के लिए जल संचयन संरचनाओं के साथ ही एक पेड़ मां के नाम अधिकाधिक पौधरोपण कर जनसहभागिता के साथ पौधों की देखभाल करने पर बल दिया। राज्यपाल ने कहा कि बस्तर में शांति स्थापित होने के बाद विकास की अपार संभावनाएं खुली हैं, जिन्हें नवाचार और जनभागीदारी के माध्यम से साकार किया जा सकता है।

राज्यपाल श्री डेका ने जोर देते हुए कहा कि बस्तर क्षेत्र में उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों का समुचित उपयोग करते हुए स्थानीय जरूरतों के अनुरूप विकास मॉडल तैयार किया जाए। उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करने की आवश्यकता निरूपित करते हुए ड्रॉप आउट बच्चों को स्कूल से जोड़ने के लिए सामुदायिक प्रयास करने कहा। वहीं समाज के अंतिम छोर तक स्वास्थ्य सुविधाओं को पहुँचाने के लिए सार्थक प्रयास करने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि आजीविका संवर्धन के लिए स्थानीय उत्पादों, वनोपज और पारंपरिक कौशल को बढ़ावा देने की दिशा में नए-नए प्रयोग किए जाएं, वहीं जैविक खेती तथा बकरीपालन, कुक्कुटपालन, मछलीपालन आदि कृषि के आनुषांगिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करें। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कोसा का मूल्य संवर्धन के पहल किया जाए और कोसा वस्त्र के डिजाइन में बदलाव कर इसे अधिक आकर्षक बनाया जाए। उन्होंने महिला स्व सहायता समूहों को मशरूम, अदरक, हल्दी की खेती हेतु प्रेरित करने सहित इन समूहों को अलग-अलग सीजन के लिए पृथक-पृथक उत्पाद तैयार करने के साथ ही बाजार से जोड़ने कहा। जिससे युवाओं के साथ महिलाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिल सके और आत्मनिर्भरता को बल मिले। उन्होंने सभी संबंधित विभागों और समाज के विभिन्न वर्गों से मिलकर बस्तर को समग्र विकास की दिशा में आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

इस मौके पर राज्यपाल श्री डेका ने कलेक्टोरेट परिसर में रेडक्राॅस सोसायटी के माध्यम से टीबी उन्मूलन हेतु निक्षय मित्र के सहायता राशि से फूड बाॅस्केट, मोतियाबिन्द पीड़ितों को आॅपरेशन पश्चात चश्मा और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को निक्षय मित्र प्रमाण पत्र का वितरण किया और रेडक्राॅस सोसायटी के सदस्यता अभियान के लिए पदाधिकारियों से भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने एक पेड़ मां के नाम आम का पौधरोपण किया।

कलेक्टर आकाश छिकारा ने बस्तर जिले में की जा रही योजनाओं के क्रियान्वयन और नवाचारों की जानकारी पीपीटी के माध्यम से दी। बैठक में पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा, सीईओ जिला पंचायत प्रतीक जैन सहित जिला प्रशासन के अधिकारीगण मौजूद थे।

हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे