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धमतरी , 04 मई (हि.स.)। जिले में भारतीय खाद्य निगम एवं छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाईज कारपोरेशन के गोदामों में कार्यरत हमाल एवं ठेका श्रमिकों की समस्याओं को लेकर हमाल श्रमिक संघ के पदाधिकारी एवं सदस्य सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान संघ ने कलेक्टर को छह सूत्री ज्ञापन सौंपकर श्रमिकों से जुड़े विभिन्न मुद्दों के समाधान तथा उनके अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और नए श्रम कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग की।
हमाल श्रमिक संघ के दुर्गेश देवांगन, डिसेंट कुमार, धनेश कुमार एवं नरेश वर्मा ने बताया कि वे एफसीआई और सीजीएससीएससी के गोदामों में लोडिंग-अनलोडिंग और स्टेकिंग का कठिन कार्य करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित नए श्रम कानूनों में असंगठित एवं ठेका श्रमिकों के लिए स्पष्ट प्रावधान होने के बावजूद जमीनी स्तर पर उनका लाभ श्रमिकों तक नहीं पहुंच पा रहा है। ठेकेदारी व्यवस्था के कारण श्रमिकों को उनके वैधानिक अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है। संघ ने मांग की कि लोडिंग-अनलोडिंग एवं स्टेकिंग कार्य में लगे श्रमिकों को समान कार्य-समान वेतन के तहत न्यूनतम मजदूरी का पूरा लाभ दिया जाए एवं दरों में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। सामाजिक सुरक्षा संहिता के तहत सभी श्रमिकों का ईपीएफ, ईएसआईसी, बीमा लाभ सुनिश्चित करने और उनका पंजीकरण ई-श्रम पोर्टल पर अनिवार्य रूप से कराने की मांग भी की। इसके साथ ही श्रमिकों के लिए कार्यस्थल पर सुरक्षा उपकरण, स्वच्छ पेयजल, प्राथमिक चिकित्सा और विश्राम गृह जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग रखी गई।
उन्होंने कहा कि मजदूरी का भुगतान सीधे श्रमिकों के बैंक खातों में किया जाए ताकि बिचौलियों और ठेकेदारों की मनमानी पर रोक लग सके। निश्चित अवधि पर कार्यरत श्रमिकों को ग्रेच्युटी का लाभ दिया जाए और सभी प्रावधानों का पालन सुनिश्चित किया जाए। इस दौरान जगमोहन साहू, मुकेश सेन, चंद्रहास साहू, नारद राम, कृष्णा, योगेश्वर, गोवर्धन सहित संघ के अन्य सदस्य मौजूद थे।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा