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मंडी, 04 मई (हि.स.)। जिला स्तरीय नार्को समन्वय केंद्र समिति की मासिक बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निदेर्श दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित हसेना चाहिए। उन्होंने कहा कि लॉ एनफोर्समेंट एजेंसियां जैसे पुलिस, एनसीबी और एसटीएफ जब भी संपर्क करें, राजस्व विभाग के अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचें तथा यदि गवाह के रूप में बुलाया जाए तो संबंधित विभागों के लिए उपस्थित होना अनिवार्य है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि ड्रग्स की सप्लाई रोकने के साथ-साथ इसकी मांग को खत्म करने पर भी बराबर ध्यान दिया जा रहा है और एक सप्ताह के भीतर 24 रेड जोन पंचायतों में नशे की रोकथाम के लिए ठोस रणनीति तैयार की जाएगी, जिसमें प्रत्येक विभाग की भूमिका स्पष्ट होगी।
उपायुक्त ने कहा कि भांग के पौधों के उगने के इस समय में वन विभाग को विशेष रूप से सक्रिय रहना होगा। निजी भूमि पर भांग उगाए जाने वाले की जानकारी मिल जाती है, लेकिन वन भूमि पर निगरानी बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि वन भूमि पर भांग या पोस्त की अवैध खेती पाए जाने पर तुरंत सख्त कार्रवाई की जाए और स्वतः उगे पौधों को भी नष्ट किया जाए।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष अभी तक जिले में एनडीपीएस अधिनियम के तहत 122 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें 178 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें अफीम के 2, हेरोइन के 38, चरस के 69, प्रतिबंधित दवाओं के 6 तथा अवैध रूप से पोस्त और भांग की खेती के 7 मामले शामिल हैं।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु वर्मा ने बताया कि शैक्षणिक संस्थानों के आसपास नशीले खाद्य पदार्थों की बिक्री संबंधी कोई भी सूचना एसपी, एएसपी, डीएसपी या एसएचओ को दी जा सकती है और सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा