नाव ही बचा एकमात्र सहारा, नाविक वसूल रहे हैं मनमाना किराया
भागलपुर, 04 मई (हि.स.)। विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद उत्तरी बिहार का दक्षिणी बिहार से संपर्क टूट गया है। भागलपुर से नवगछिया और कोसी सीमांचल क्षेत्र जाने का एकमात्र सहारा अब नाव बच गया है, लोग जान जोखिम में डालकर नाव की सवारी कर भागलपु
नाव पर चढ़ते लोग


भागलपुर, 04 मई (हि.स.)। विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद उत्तरी बिहार का दक्षिणी बिहार से संपर्क टूट गया है। भागलपुर से नवगछिया और कोसी सीमांचल क्षेत्र जाने का एकमात्र सहारा अब नाव बच गया है, लोग जान जोखिम में डालकर नाव की सवारी कर भागलपुर से नवगछिया की ओर आवाजाही कर रहे हैं। लोग जो लगभग 5 किलोमीटर की दूरी 10 मिनट में तय करते थे, अब नाव से उन्हें घंटों का समय लग रहा है। साथ ही साथ नाव वाले 10 रुपए की जगह लोगों से 100 प्रति व्यक्ति किराया भी वसूल रहे हैं, जिससे लोगों की परेशानियां बढ़ी है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल एवं कॉलेज में पढ़ने वाले छात्राओं के साथ-साथ प्रत्येक दिन काम के सिलसिले में नवगछिया से भागलपुर आवाजाही करने वाले लोगों को हुई है।

लोगों का साफ कहना है कि नाविक मनमाना किराया वसूल रहे हैं, यात्री जहां जिला प्रशासन से रेट चार्ट के अनुसार नाविकों द्वारा किराया लिए जाने की बात कर रहे हैं, तो वहीं भागलपुर के ट्रैफिक डीएसपी संजय कुमार आम लोगों से ओवरलोडेड नाव पर नहीं चलने की अपील करते दिख रहे हैं। उधर सुबह होते ही बाबूपुर गंगा घाट पर यात्रियों की लंबी कतार लग गई।

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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर