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भागलपुर, 31 मई (हि.स.)। जिले के सबौर थाना क्षेत्र में ड्यूटी के दौरान लापता हुए रेलवे सुरक्षा बल के जवान धर्मेंद्र कुमार हत्याकांड का भागलपुर पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है।
मामले का खुलासा करते हुए विधि-व्यवस्था डीएसपी नवनीत कुमार ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि जवान की हत्या ट्रेन में चोरी का विरोध करने के कारण की गई थी। डीएसपी ने बताया कि बीते 27 मई को आरपीएफ इंस्पेक्टर विपिन कुमार के आवेदन पर सबौर थाना में धर्मेंद्र कुमार के लापता होने की प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।
इसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की। जांच के क्रम में शंकरपुर पुल के समीप एक शव बरामद हुआ। जिसकी पहचान बाद में लापता आरपीएफ जवान धर्मेंद्र कुमार के रूप में की गई। घटना की गुत्थी सुलझाने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और मानवीय अनुसंधान के आधार पर मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास किया।
जांच में सामने आया कि ट्रेन में सक्रिय अपराधियों द्वारा चोरी की जा रही थी, जिसका धर्मेंद्र कुमार ने विरोध किया। विरोध से नाराज अपराधियों ने पहले उनका अपहरण किया और बाद में उनकी हत्या कर शव को ठिकाने लगाने का प्रयास किया। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी चिकू यादव, निवासी लैलख, थाना सबौर को गिरफ्तार कर लिया है।
पूछताछ के दौरान आरोपी की निशानदेही पर मृत जवान की वर्दी का बेल्ट, कोड तथा जला हुआ कपड़ा बरामद किया गया है, जो घटना से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य माने जा रहे हैं। डीएसपी ने बताया कि इस हत्याकांड में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरे मामले में शामिल सभी अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस खुलासे के बाद पुलिस ने इसे एक बड़ी सफलता बताते हुए कहा कि जवान को न्याय दिलाने के लिए हर पहलू की गहन जांच की जा रही है और दोषियों को कानून के अनुसार कड़ी सजा दिलाई जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर