झारखंड सरकार पर भाजपा के आरोप निराधार और राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित : विनोद पांडेय
रांची, 31 मई (हि.स.)। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के केंद्रीय महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा राज्य सरकार पर लगाए जा रहे भ्रष्टाचार के आरोपों को निराधार, तथ्यहीन और राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बताया है। उन्होंने
विनोद पांडेय की फाइल फोटो


रांची, 31 मई (हि.स.)। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के केंद्रीय महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा राज्य सरकार पर लगाए जा रहे भ्रष्टाचार के आरोपों को निराधार, तथ्यहीन और राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बताया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकास और जनकल्याण की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू कर रही है, जिससे विपक्षी दलों में बेचैनी बढ़ी है और वे सरकार के खिलाफ लगातार बयानबाजी कर रहे हैं।

रविवार को जारी एक विज्ञप्ति में विनोद कुमार पांडेय ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार विकास, सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाओं को प्राथमिकता देते हुए कार्य कर रही है। इसके बावजूद भाजपा जनता को गुमराह करने के उद्देश्य से सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठा रही है और भ्रामक माहौल बनाने का प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पर आरोप लगाने से पहले भाजपा को केंद्र सरकार की नीतियों और उनके प्रभावों पर भी जवाब देना चाहिए। उनके अनुसार भाजपा के नेता और प्रवक्ता विभिन्न आंकड़ों और दावों के माध्यम से जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि वास्तविक जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने से बच रहे हैं।

झामुमो महासचिव ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का हवाला देकर लंबे समय से आम लोगों पर आर्थिक बोझ डाला जाता रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब वैश्विक स्तर पर कीमतों में कमी आती है, तब उसका पूरा लाभ उपभोक्ताओं तक क्यों नहीं पहुंचाया जाता। उन्होंने कहा कि महंगाई और बढ़ती लागत का सीधा असर आम लोगों की जिंदगी पर पड़ रहा है।

विनोद कुमार पांडेय ने दावा किया कि राज्य सरकार रोजगार, शिक्षा, ग्रामीण विकास, सामाजिक सुरक्षा और जनकल्याण से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के पास जनता के मुद्दों पर कोई ठोस और सकारात्मक एजेंडा नहीं बचा है, इसलिए वह आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति पर निर्भर है। साथ ही उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य की जनता राजनीतिक बयानों और वास्तविक कार्यों के बीच अंतर को भली-भांति समझती है तथा विकास और जनहित के मुद्दों पर अपना निर्णय लेने में सक्षम है।------------

हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar