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नई दिल्ली, 30 मई (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को संस्कृत सुभाषित साझा करते हुए कहा कि विनम्रता, क्षमाशीलता और उत्तम आचरण ही व्यक्तित्व के सच्चे आभूषण हैं। उन्होंने कहा कि इन गुणों के साथ ही आज देशवासी विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि में निरंतर जुटे हैं।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा, “विनम्रता, क्षमाशीलता और उत्तम आचरण ही व्यक्तित्व के सच्चे आभूषण हैं। इन गुणों के साथ ही आज देशवासी विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि में निरंतर जुटे हैं।”
इसके साथ उन्होंने संस्कृत सुभाषित साझा करते हुए लिखा:
तेजः क्षमा धृतिः शौचमद्रोहो नातिमानिता।
भवन्ति सम्पदं दैवीमभिजातस्य भारत।।
इस सुभाषित का अर्थ है कि तेज, क्षमा, धैर्य, पवित्रता, किसी के प्रति द्वेष न रखना और अहंकार से दूर रहना ऐसे दैवी गुण हैं, जो श्रेष्ठ व्यक्तित्व वाले व्यक्ति की पहचान होते हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी