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रांची, 29 मई (हि.स.)। प्रस्तावित लोकसभा एवं विधानसभा परिसीमन को लेकर झारखंड में आदिवासी समाज ने गहरी चिंता जताई है। इस मुद्दे पर विभिन्न आदिवासी संगठनों की ओर से “परिसीमन का आदिवासी समाज पर प्रभाव” विषय पर आगामी 31 मई को रांची प्रेस क्लब में रणनीतिक बैठक और सेमिनार आयोजित किया जाएगा।
कार्यक्रम के आयोजक शशि पन्ना और अनिल अमिताभ पन्ना ने शुक्रवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में आदिवासी आरक्षित सीटों में कटौती स्वीकार नहीं की जाएगी। साथ ही चेतावनी दी कि यदि मांगों की अनदेखी की गई, तो व्यापक आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
आयोजकों के अनुसार, राज्य के सभी 24 जिलों से सामाजिक अगुआ, बुद्धिजीवी, अधिवक्ता, शिक्षाविद्, छात्र-युवा प्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता इस बैठक में शामिल होंगे।
शशि पन्ना ने बताया कि यदि जनसंख्या आधारित परिसीमन को सामाजिक और ऐतिहासिक परिस्थितियों को नजरअंदाज कर लागू किया गया, तो आदिवासी आरक्षित सीटों में कमी आ सकती है। इससे आदिवासी समाज के राजनीतिक प्रतिनिधित्व और संवैधानिक अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।
बैठक में परिसीमन के संभावित प्रभाव, आरक्षित सीटों की सुरक्षा, राजनीतिक भागीदारी और भविष्य की रणनीति जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar