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रांची, 26 मई (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने राज्य में बढ़ते सर्पदंश मामलों को देखते हुए मंगलवार को नामकुम स्थित सभागार में सभी सिविल सर्जनों को नेशनल स्नेकबाइट मैनेजमेंट प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
उन्होंने दो टूक कहा कि नेशनल स्नेकबाइट मैनेजमेंट प्रोटोकॉल का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करें। सभी अस्पताल एंटी स्नेक वेनम सीरम की उपलब्धता सुनिश्चितकरें। लोग सर्पदंश होने पर झाड़-फूंक में समय न गंवाकर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाएं। 108 एम्बुलेंस सेवा तथा 104 हेल्पलाइन पर सहायता उपलब्ध रहेगी।
मौके पर शशि प्रकाश ने सभी जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और मेडिकल कॉलेजों में एंटी स्नेक वेनम सीरम की उपलब्धता सुनिश्चित करें।एएनएम, सहिया और स्वास्थ्य कर्मियों को जागरूकता अभियान में लगाया गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने सर्पदंश और उससे होने वाली मौतों को अधिसूचित रोग घोषित करते हुए नई गाइडलाइन जारी की है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार वर्ष 2022 में सर्पदंश के 392 मामले सामने आए थे, जो 2025 में बढ़कर 4078 हो गए।
वहीं 2026 में अप्रैल तक 561 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। विभागीय विश्लेषण में सामने आया है कि अधिकांश मौतें इलाज में देरी और ग्रामीण क्षेत्रों में झाड़-फूंक और अंधविश्वास के कारण हो रही हैं।
नई व्यवस्था के तहत सरकारी और निजी अस्पतालों, क्लीनिकों, मेडिकल कॉलेजों, रेलवे, आर्मी और आयुष स्वास्थ्य केंद्रों को प्रत्येक संदिग्ध और पुष्ट मामले की अनिवार्य रिपोर्टिंग करनी होगी। सभी मामलों की प्रविष्टि आईडीएसपी-आईएचआईपी पोर्टल पर भी दर्ज की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar