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देवघर, 20 मई (हि.स.)। राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण केंद्र के तत्वावधान में आईएमए सभागार में डेंगू और चिकनगुनिया के नियंत्रण को लेकर जिला स्तरीय एकदिवसीय री-ओरिएंटेशन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम सिविल सर्जन सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ रमेश कुमार के निर्देश पर जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ अभय कुमार यादव की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। प्रशिक्षण में डॉ शब्दकांत मिश्रा, डॉ मनीष शेखर (जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट-आईडीएसपी) और डॉ गणेश कुमार यादव (जिला वीबीडी सलाहकार) ने प्रतिभागियों को डेंगू और चिकनगुनिया के लक्षण, बचाव के उपाय, समय पर इलाज, सर्विलांस गतिविधियां, सैंपल संग्रह और मच्छर नियंत्रण की जानकारी दी।
विशेष रूप से बताया गया कि डेंगू और चिकनगुनिया फैलाने वाले एडीज मच्छर रुके हुए पानी में पनपते हैं और सामान्यतः दिन में काटते हैं। इसीलिए बरसात में जलजमाव रोकना, घरों के आसपास साफ-सफाई बनाए रखना और पानी के बर्तनों को ढंककर रखना जरूरी है।
डॉ अभय कुमार यादव ने कहा कि जुलाई से नवंबर तक स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम देवघर और नगर परिषद मधुपुर के सहयोग से घर-घर सर्वेक्षण, कंटेनर सर्वे, जनजागरूकता अभियान, लार्वानाशी दवा का छिड़काव, फॉगिंग और संभावित मरीजों की जांच की जाएगी। उन्होंने बताया कि डेंगू और चिकनगुनिया अधिसूचित रोग हैं, इसलिए इनके संदिग्ध मामलों की सूचना तत्काल स्वास्थ्य विभाग को देना जरूरी है।
साथ ही घरों, दुकानों, होटलों और कार्यालयों में बार-बार मच्छरों के प्रजनन स्थल मिलने पर जुर्माना लगाने का भी प्रावधान है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों से चिकित्सा पदाधिकारी, एएनएम, सहिया दीदियां, एमटीएस तथा नगर निगम देवघर, नगर परिषद मधुपुर और परिमल फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्यकर्मियों की क्षमता बढ़ाना और समुदाय स्तर पर डेंगू और चिकनगुनिया की रोकथाम संबंधी गतिविधियों को अधिक प्रभावी बनाना था। प्रशिक्षण प्राप्त प्रतिभागी अब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में अन्य कर्मियों को भी प्रशिक्षित करेंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Anup Kumar Roy