निजी स्कूलों ने आरटीई में खाली सीटाें के अनुसार नहीं दिया दाखिला
चंडीगढ़, 02 मई (हि.स.)। हरियाणा के निजी स्कूलों द्वारा आरटीई के तहत 60 हजार खाली सीटों का ऐलान किए जाने के बावजूद अभी तक 21 हजार विद्यार्थियों को ही मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूलों में दाखिला मिल सका है। प्राथमिक शिक्षा निदेशालय ने प्राइवेट स्कूल
निजी स्कूलों ने आरटीई में खाली सीटाें के अनुसार नहीं दिया दाखिला


चंडीगढ़, 02 मई (हि.स.)। हरियाणा के निजी स्कूलों द्वारा आरटीई के तहत 60 हजार खाली सीटों का ऐलान किए जाने के बावजूद अभी तक 21 हजार विद्यार्थियों को ही मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूलों में दाखिला मिल सका है। प्राथमिक शिक्षा निदेशालय ने प्राइवेट स्कूल संचालकों को निर्देश दिया है कि वे पात्र आवेदकों को 10 दिनों के भीतर प्रवेश दें।

रिपोर्ट के अनुसार, स्कूलों द्वारा 60,400 से अधिक सीटें उपलब्ध कराई गई थी, जिनके लिए 31 हजार से ज्यादा आवेदन प्राप्त हुए थे। सत्यापन के बाद, हरियाणा के निजी मान्यता प्राप्त स्कूलों में 21 हजार 752 बच्चों को प्रवेश आवंटित किए गए हैं। इनमें से कुल 10 हजार 880 सीटें नर्सरी में, 1,280 से अधिक सीटें एलकेजी में, 1,900 से अधिक सीटें यूकेजी में और 7,680 सीटें कक्षा 1 में आवंटित की गई हैं।

निदेशालय ने स्कूलों को आरटीई के माध्यम से आवंटित छात्रों के प्रवेश को गंभीरता से लेने का निर्देश दिया है। स्कूलों को प्रवेश प्रक्रिया में देरी नहीं करनी चाहिए और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और वंचित वर्ग श्रेणी के पात्र छात्रों का प्रवेश पूरा करना चाहिए। यह सुनिश्चित करते हुए कि आरटीई के तहत आवंटित किसी भी पात्र बच्चे को वैध कारणों के बिना प्रवेश से वंचित न किया जाए। दाखिला प्रक्रिया 9 मई तक पूरी की जानी है।

विद्यालय स्तरीय समितियों को निर्देश दिया गया है कि वे डाक्यूमेंट वेरिफिकेशन पहले से तय आधारों पर करें, जिनमें यह शर्त भी शामिल है कि आवेदक हरियाणा का निवासी हो और उसके पास वैध निवास प्रमाण पत्र हो। इसके अलावा 0-1 किमी या 1-3 किमी के दायरे में आना चाहिए, जैसा कि पड़ोस के मानदंडों के तहत आवंटन में निर्धारित है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा