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किशनगंज, 02 मई (हि.स.)। केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर बिहार के छह जिलों किशनगंज, पटना, बेगूसराय, पूर्णिया, अररिया और कटिहार में मई के तीसरे सप्ताह में हवाई हमले एवं ब्लैकआउट से संबंधित व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। इसको लेकर राज्य का आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह सक्रिय हो गया है और तैयारियों का जायजा लिया जा रहा है।
इसी क्रम में आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह की अध्यक्षता में सभी संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्पष्ट निर्देश दिया गया कि मॉक ड्रिल को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सचिव ने बताया कि निर्धारित तिथि पर सभी जिलों में एक साथ सायरन बजाया जाएगा। इसके लिए पर्याप्त संख्या में सायरन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर चौक-चौराहों के साउंड सिस्टम, पुलिस थानों एवं अग्निशमन वाहनों का भी उपयोग किया जाएगा। मॉक ड्रिल के दौरान ब्लैकआउट की स्थिति भी बनाई जाएगी, जिसमें बिजली विभाग की अहम भूमिका रहेगी। सभी जिलों को निर्देश दिया गया है कि वे बिजली विभाग से समन्वय स्थापित कर तकनीकी बाधाओं से बचें। मॉक ड्रिल के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारियों का भी परीक्षण किया जाएगा। अस्पतालों में प्राइवेसी कर्टन लगाने एवं आपात स्थिति में मरीजों के त्वरित उपचार की क्षमता का आकलन किया जाएगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि मॉक ड्रिल के दौरान किसी प्रकार की अफवाह या घबराहट न फैले, इसके लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। लाउडस्पीकर, सोशल मीडिया एवं स्थानीय माध्यमों से लोगों को पहले से जानकारी दी जाएगी कि यह केवल एक अभ्यास है।
असैनिक सुरक्षा के महानिदेशक-सह-आयुक्त डॉ. परेश सक्सेना ने अधिकारियों को मॉक ड्रिल की बारीकियों से अवगत कराते हुए बेहतर समन्वय पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि पिछले अभ्यास में बेगूसराय का प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा था। मॉक ड्रिल में स्कूल-कॉलेज, दवा व्यवसायी और सामाजिक संगठनों को भी शामिल किया जाएगा, ताकि आपदा की स्थिति में सामूहिक प्रतिक्रिया को मजबूत किया जा सके।
जिलाधिकारी विशाल राज ने बताया कि सीमांचल के चारों जिलों किशनगंज, पूर्णिया, अररिया और कटिहार में विशेष तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस अभ्यास के माध्यम से आम लोगों को आपात स्थिति में सतर्क रहने और खुद को सुरक्षित रखने के तरीके सिखाए जाएंगे। यह मॉक ड्रिल राज्य की आपदा प्रबंधन प्रणाली की तैयारियों की बड़ी परीक्षा मानी जा रही है, जिसमें प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और आम नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह