Enter your Email Address to subscribe to our newsletters

कानपुर, 02 मई (हि.स.)। शहर के पुलों पर मांझा के कारण लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। राहगीरों को गंभीर चोटें आ रही हैं और जनसुरक्षा पर खतरा बढ़ रहा है। इन घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू करना जरूरी है। प्रशासन को इस मामले में तुरंत कदम उठाने चाहिए। यह बातें शनिवार को आर्यनगर विधानसभा क्षेत्र के सपा विधायक अमिताभ बाजपेयी ने कही।
अमिताभ बाजपेयी ने जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह को पत्र लिखकर शहर में मांझा से हो रही दुर्घटनाओं पर चिंता जताई है। उन्होंने इसे जनसुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताते हुए तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। विधायक ने पत्र में बताया कि शहर के प्रमुख रेलवे पुल जैसे मरे कंपनी पुल, झाड़ी बाबा पड़ाव पुल, शिव नारायण टंडन सेतु, खपरा मोहाल पुल और जयपुरिया पुल सहित अन्य आरओबी पुल अत्यंत व्यस्त मार्ग हैं। इन स्थानों पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आवागमन करते हैं, लेकिन पतंगबाजी में उपयोग होने वाले मांझे के कारण लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं।उन्होंने कहा कि मांझा राहगीरों के लिए खतरनाक साबित हो रहा है, जिससे लोगों के गले और चेहरे पर गंभीर चोटें आ रही हैं। कई मामलों में स्थिति जानलेवा भी हो सकती है।
विधायक ने सुझाव दिया कि इन पुलों पर स्टील वायर और अन्य सुरक्षा उपकरण लगाए जाएं, जिससे ऊंचाई पर ही मांझा रुक सके। इसके साथ ही स्ट्रीट लाइट के खंभों के बीच मजबूत स्टील के तार बंधवाने की व्यवस्था की जाए, ताकि कटी हुई पतंगों का मांझा ऊपर ही अटक जाए और नीचे गुजरने वाले लोगों को नुकसान न पहुंचे। उन्होंने यह भी कहा कि मांझा से न केवल इंसान बल्कि पक्षी भी प्रभावित हो रहे हैं। कई पक्षी घायल हो रहे हैं, जो पर्यावरण के लिए भी चिंता का विषय है।
विधायक ने सम्बंधित विभागों को निर्देशित करने की मांग करते हुए कहा कि नियमित रूप से व्यवस्था की निगरानी की जाए, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सुरक्षा उपाय प्रभावी ढंग से लागू हों।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप