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-शादी के छह माह में ही ससुराल में हो गई थी मौत, सभी पर छह-छह हजार रुपये लगाया अर्थदंड
औरैया, 02 मई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद में सदर कोतवाली क्षेत्र के गांव आनेपुर में शादी के मात्र छह माह में ससुराल में हुई नव विवाहिता की मौत पर लिखाए गए दहेज हत्या के मामले का अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय महेश कुमार ने शनिवार को निर्णय सुनाया। जिसमें पति, ससुर व सास को दहेज हत्या का दोषी मानते हुए तीनों को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया गया। प्रत्येक पर छह-छह हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया।
इस मामले की अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे एडीजीसी अरविंद राजपूत ने बताया कि उक्त मामला लगभग तीन साल पुराना है। वादी मुकदमा अयाना थाना क्षेत्र के अंतौल निवासी हरी किशन पुत्र बाबूराम ने रिपोर्ट लिखाई। जिसमें बताया कि उसने अपनी पुत्री खशबू की शादी 28 दिसंबर 2022 को गांव आनेपुर निवासी अरुण कुमार के पुत्र राजाराम उर्फ नंदू के साथ की थी। शादी के बाद से ही पति राजाराम, ससुर अरुण कुमार, सास सुनीता, देवर नागेश उर्फ बउआ, छोटू राय अतिरिक्त दहेज में एक कार खरीदने के लिए रुपयों की मांग करने लगे व इसी बात पर खुशबू को प्रताड़ित करते थे। 10 मई 2023 को वादी की छोटी पुत्री काजल ने मृतका के देवर छोटू राय के साथ प्रेम विवाह कर लिया था। वादी प्रेम विवाह केे लिए तैयार नहीं था। मृतका के ससुरालीजन उक्त प्रेम विवाह कराने में बड़ी पुत्री पर शक कर रहे थे और उलाहना देते थे कि मृतका के विवाह में कम दहेज मिला व प्रेम विवाह करने वाली उसकी छोटी बहन की शादी में भी दहेज नहीं मिला। 28 जून 2023 की रात नौ बजे वादी को गांव के किसी व्यक्ति ने फोन करके जानकारी दी कि तुम्हारी पुत्री खुशबू की ससुरालीजनों ने हत्या कर दी है। इस पर वादी आनेपुर पहुंचा तो देखा कि पुत्री खुशबू की लाश बरामदे में जमीन पर पड़ी है। मुल्जिमान सुरलीजन मौके पर नहीं मिले थे।
वादी की छोटी पुत्री काजल ने बताया कि आरोपितों ने दीदी को मारने की योजना बनाकर मुझे गांव में ही चाची के घर भेज दिया था और पूरे दिन नहीं बुलाया। शाम को लगभग छह बजे इन सभी ने मारपीट करके दीदी को मार डाला है। वादी की सूचना पर सदर कोतवाली में पति, सास, ससुर व दोनों देवर के विरुद्ध दहेज हत्या का मुकदमा पंजीकृत हुआ। पुलिस ने विवेचना में देवरों को दोषमुक्त माना व पति, सास व ससुर तीन के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। यह मुकदमा अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय महेश कुमार की अदालत में चला और आज इसका निर्णय सुनाया गया।
अभियोजन की ओर से एडीजीसी अरविंद राजपूत ने दहेज को लेकर शादी के मात्र छह माह केे अंदर ससुराल में मृत्यु के लिए पति, सास व ससुर को कठोर दंड देने की बहस की। वहीं बचाव पक्ष ने उन्हें निर्दोष बताया। दोनों पक्षकारों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय महेश कुमार ने पति राजाराम उर्फ नंदू, ससुर अरुण कुमार व सास सुनीता को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया। तीनों पर छह-छह हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। कोर्ट ने अर्थदंड अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पूर्व में बिताई गई जेल की अवधि इस सजा में समाहित करने का भी आदेश दिया।
अधिवक्ता महावीर शर्मा के अनुसार सजा पाए पति व ससुर वर्तमान में जिला कारागार इटावा में निरुद्ध हैं। उन्हें इस मुकदमें में अभी तक जमानत नहीं मिली है। केवल सास सुनीता ही जमानत पर थीं।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील कुमार