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मुंबई/पाली, 14 मई (हि.स.)। मारवाड़ क्षेत्र में लगातार गहराते जल संकट के स्थायी समाधान और किसानों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में कांकलावास बांध परियोजना को पुनर्जीवित करने की मांग अब प्रशासनिक स्तर पर जोर पकड़ने लगी है। पाली जिले के बागोल स्थित कांकलावास बांध के अधूरे निर्माण एवं विस्तार कार्य को पुनः शुरू कराने के लिए ग्रामीणों और समाजसेवियों ने मुख्यमंत्री कार्यालय, जिला कलेक्टर और अतिरिक्त जिला कलेक्टर को विस्तृत ईमेल ज्ञापन भेजकर त्वरित कार्रवाई की मांग की है।
समाजसेवी भरतकुमार सोलंकी द्वारा भेजे गए इस ज्ञापन में कांकलावास बांध परियोजना को मारवाड़ क्षेत्र की जल सुरक्षा, कृषि विकास और ग्रामीण समृद्धि से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण मुद्दा बताया गया है। ज्ञापन के साथ पिछले लगभग पांच दशकों में मारवाड़ क्षेत्र में जल संकट, सिंचाई समस्याओं और बड़े बांधों की आवश्यकता से संबंधित कटिंग्स भी संलग्न की गई हैं, जिससे इस मांग की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और गंभीरता स्पष्ट होती है।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों, किसानों, ग्रामीणों और देशभर में बसे प्रवासी मारवाड़ी समाज के हजारों लोगों ने हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से इस जनहितकारी परियोजना को व्यापक समर्थन दिया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि कांकलावास बांध परियोजना के पुनः सर्वेक्षण, तकनीकी मूल्यांकन और पुनर्जीवन प्रस्ताव को शीघ्र विभागीय प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाकर मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचाया जाए।
ग्रामीणों और विशेषज्ञों का मानना है कि अरावली पर्वतमाला क्षेत्र में बड़े पक्के बांधों का निर्माण मारवाड़ के लिए दीर्घकालिक जल समाधान साबित हो सकता है। इससे भूजल स्तर में सुधार, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, किसानों की उत्पादकता में वृद्धि, ग्रामीण रोजगार के अवसर, पलायन में कमी, क्षेत्रीय आर्थिक विकास जैसे बड़े सकारात्मक परिणाम सामने आ सकते हैं।
अभियान से जुड़े कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह केवल एक अधूरी परियोजना को पूरा कराने की मांग नहीं, बल्कि पूरे मारवाड़ क्षेत्र के हरित, समृद्ध और जल-सुरक्षित भविष्य का संकल्प है। उनका मानना है कि यदि कांकलावास बांध सहित क्षेत्र की अन्य जल परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जाए तो मारवाड़ के विकास की तस्वीर बदल सकती है।
मुख्यमंत्री कार्यालय तक मामला पहुंचने के बाद ग्रामीणों में उम्मीद जगी है कि वर्षों से लंबित इस परियोजना को अब नई गति मिल सकती है। स्थानीय लोगों ने सरकार से आग्रह किया है कि जनभावनाओं का सम्मान करते हुए इस महत्वपूर्ण परियोजना को प्राथमिकता दी जाए।
कांकलावास बांध परियोजना अब केवल एक स्थानीय मुद्दा नहीं, बल्कि मारवाड़ के जल, कृषि और विकास के भविष्य से जुड़ा बड़ा जनआंदोलन बनता जा रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित