(अपडेट) तकनीक का उद्देश्य मानवता और समानता की सेवा के लिए : प्रो सुमन
पूर्वी सिंहभूम, 14 मई (हि.स.)। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) खड़गपुर के निदेशक प्रो सुमन चक्रवर्ती ने कहा कि तकनीकी विकास केवल बाजार और मुनाफे तक सीमित नहीं होना चाहिए। बल्कि उसका उद्देश्य मानवता की सेवा, समान अवसरों का निर्माण और सतत विकास
कार्यशाला को संबोधित करते  प्रो. सुमन चक्रवर्ती और अन्य


कार्यशाला को संबोधित करते  प्रो. सुमन चक्रवर्ती और अन्य


पूर्वी सिंहभूम, 14 मई (हि.स.)। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) खड़गपुर के निदेशक प्रो सुमन चक्रवर्ती ने कहा कि तकनीकी विकास केवल बाजार और मुनाफे तक सीमित नहीं होना चाहिए। बल्कि उसका उद्देश्य मानवता की सेवा, समान अवसरों का निर्माण और सतत विकास को बढ़ावा देना होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि वास्तविक तकनीकी प्रगति वही है जो समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाए और मानव जीवन को बेहतर बनाए।

प्रो चक्रवर्ती सीएसआईआर-राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (एनएमएल), जमशेदपुर में गुरुवार को आयोजित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस समारोह के दूसरे सत्र को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने समावेशी विकास हेतु उत्तरदायी नवाचार – गहन विज्ञान से गहन सामाजिक प्रभाव तक विषय पर व्याख्यान देते हुए कहा कि भारत जैसे विविधताओं वाले देश में तकनीक का विकास स्थानीय आवश्यकताओं और सामाजिक जरूरतों के अनुरूप होना चाहिए।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कथन विज्ञान सार्वभौमिक है, लेकिन तकनीक स्थानीय होनी चाहिए का उल्लेख करते हुए कहा कि तकनीकी नवाचार तभी सार्थक होंगे जब वे आम लोगों की समस्याओं के समाधान में उपयोगी साबित हों।

कार्यक्रम की शुरुआत सीएसआईआर-एनएमएल के निदेशक डॉ संदीप घोष चौधरी के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि अनुसंधान और नवाचार भविष्य निर्माण की महत्वपूर्ण आधारशिला हैं।

उन्होंने पिछले एक वर्ष के दौरान संस्थान की ओर से विकसित उन तकनीकों की जानकारी भी दी जो अब व्यावसायिक उपयोग के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि संस्थान उद्योगों और समाज की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अनुसंधान कार्य कर रहा है।

इस अवसर पर संस्थान के पीएचडी शोधार्थियों की ओर से पोस्टर प्रस्तुति का आयोजन किया गया और एमएसएमई प्रतिनिधियों को प्रयोगशाला की विभिन्न सुविधाओं का भ्रमण कराया गया। अरका जैन विश्वविद्यालय और इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट के छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद पाठक