धर्मशाला में दिख रही विकास की नई रफ्तार : मुख्यमंत्री
धर्मशाला, 14 मई (हि.स.)। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि धर्मशाला में विकास की नई रफ्तार देखने को मिल रही है। उन्होंने कहा कि कांगड़ा जिला को पर्यटन राजधानी घोषित किया गया है और यहां अधिक संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए सरकार
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सुक्खू।


धर्मशाला, 14 मई (हि.स.)। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि धर्मशाला में विकास की नई रफ्तार देखने को मिल रही है। उन्होंने कहा कि कांगड़ा जिला को पर्यटन राजधानी घोषित किया गया है और यहां अधिक संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है। इसी कड़ी में अंतरराष्ट्रीय स्तर का कन्वेंशन सेंटर बनाया जाएगा, जिस पर 400 से 500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

वीरवार को धर्मशाला में चुनाव प्रचार के लिए पंहुचे मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि धर्मशाला को स्मार्ट सिटी का प्रोजेक्ट कांग्रेस सरकार की देन है। लेकिन इसे वह स्वरूप नहीं मिल पाया जिसकी अपेक्षा थी और इसमें कई कमियां रह गईं। अब इन कमियों को दूर करने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शहर के सभी 17 वार्डों के लिए एक-एक करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है और कुल 17 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। आचार संहिता के चलते अभी इसकी औपचारिक घोषणा नहीं की जा सकती, लेकिन आने वाले दिनों में इन योजनाओं पर कार्य शुरू होगा।

मुख्यमंत्री ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्व भाजपा सरकार कांग्रेस पर 76 हजार करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज छोड़कर गई। उन्होंने कहा कि स्व. वीरभद्र सिंह सरकार के समय प्रदेश पर करीब 48 हजार करोड़ रुपये का कर्ज था और यदि भाजपा सरकार उस कर्ज को कम करने का प्रयास करती तो हिमाचल को लाभ मिलता। उन्होंने कहा कि शिमला से सात कार्यालय धर्मशाला लाए गए हैं, जिससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। करोड़ों रुपये की पर्यटन योजनाएं शुरू की जा चुकी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि धर्मशाला एयरपोर्ट के विस्तार का कार्य किया जा रहा है और क्षेत्र में तीन हेलीपोर्ट बनाए जाएंगे। साथ ही शक्तिपीठों को बेहतर कनेक्टिविटी सुविधा से जोड़ा जाएगा, ताकि पर्यटन को और बढ़ावा मिल सके।

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा नेता केवल सोशल मीडिया तक सीमित होकर रह गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी कांगड़ा आए थे और बड़े-बड़े वादे किए गए, लेकिन आज तक प्रदेश को घोषित राशि नहीं मिली। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि भाजपा का कोई भी नेता यह बताए कि केंद्र से हिमाचल को घोषित 1500 करोड़ रुपये में से कितना पैसा मिला। उन्होंने कहा कि भाजपा के अंदरूनी हालात ठीक नहीं हैं और पार्टी के नेता अपने व्यक्तिगत हित साधने में लगे हुए हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया