डीजीपी नलिन प्रभात ने सीमा पार के नशीले पदार्थों के गिरोहों और उनके संचालकों को कड़ी कार्रवाई की दी चेतावनी
श्रीनगर, 14 मई (हि.स.)। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नलिन प्रभात ने गुरुवार को कहा कि पुलिस बल पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद और नशीले पदार्थों से जुड़े आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ रहा है और सीमा पार के नशीले पदार्थों के गिरोहों और उनके संचालकों क
डीजीपी नलिन प्रभात ने सीमा पार के नशीले पदार्थों के गिरोहों और उनके संचालकों को कड़ी कार्रवाई की दी चेतावनी


श्रीनगर, 14 मई (हि.स.)। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नलिन प्रभात ने गुरुवार को कहा कि पुलिस बल पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद और नशीले पदार्थों से जुड़े आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ रहा है और सीमा पार के नशीले पदार्थों के गिरोहों और उनके संचालकों को कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

कश्मीर पुलिस स्टेशन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए डीजीपी ने कहा कि नशा मुक्त अभियान ने जम्मू और कश्मीर में नशीले पदार्थों के खिलाफ अभियानों को काफी तेज कर दिया है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने 2023 से नशीले पदार्थों के खिलाफ लड़ाई में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, विशेष रूप से संपत्ति कुर्की, निवारक गिरफ्तारियों और प्रतिबंधित पदार्थों की जब्ती में। उन्होंने कहा कि 2023 से 2026 तक नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़ी संपत्तियों की कुर्की में लगातार वृद्धि हुई है। इस संबंध में जम्मू-कश्मीर पुलिस 2025 में राष्ट्रीय स्तर पर तीसरे स्थान पर रही है।

डीजीपी ने आगे कहा कि 2025 में पीआईटी-एनडीपीएस के 240 गिरफ्तारियां की गईं जिसके लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस देश में पहले स्थान पर रही विशेष रूप से नशामुक्त अभियान के तहत पिछले वर्ष की तुलना में एनडीपीएस मामलों में लगभग सात गुना वृद्धि हुई है।

उन्होंने बताया कि जम्मू और कश्मीर में दर्ज 724 एनडीपीएस मामलों में नशीले पदार्थों के व्यापार में शामिल 806 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रमुख गिरफ्तारियों में गुलजार अहमद उर्फ लव गुर्जर जो 28 मामलों में वांछित थाऔर अवनीत सिंह उर्फ नागी जो जम्मू प्रांत में 17 मामलों में वांछित था शामिल हैं।

डीजीपी ने बताया कि पुलिस ने अभियान के दौरान 667 किलोग्राम नशीले पदार्थ और 90,000 से अधिक मनोरोगी पदार्थ जब्त किए। उन्होंने कहा कि 24 आदतन नशाखोरों के खिलाफ निवारक कार्रवाई भी की गई है। उन्होंने आगे बताया कि नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़ी 41.85 करोड़ रुपये मूल्य की 97 संपत्तियों की पहचान कर उन्हें अब तक जब्त किया जा चुका है।

उन्होंने कहा कि अनंतनाग पुलिस ने एक ही मामले में 6.17 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की। अपनी तरह की पहली कार्रवाई में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने जम्मू-कश्मीर की सीमा से बाहर भी संपत्तियां जब्त की हैं जिनमें गुरदासपुर, पठानकोट और चंडीगढ़ में एक-एक संपत्ति शामिल है। उन्होंने आगे बताया कि नशीले पदार्थों के मामलों में पिछड़े संबंध स्थापित करने के लिए कुलगाम पुलिस ने जम्मू के बेली चराणा क्षेत्र में 93 लाख रुपये की संपत्तियां भी जब्त की हैं।

डीजीपी ने बताया कि नशीले पदार्थों के व्यापार से प्राप्त 15 करोड़ रुपये मूल्य की 41 संपत्तियों को कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए ध्वस्त कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान 117 कनाल भूमि पर फैली अवैध अफीम और गांजे की खेती को नष्ट कर दिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि दवा प्रतिष्ठानों का भी गहन निरीक्षण किया गया है। कम से कम 5,238 दवा दुकानों की जाँच की गई और 151 दोषी प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई। अभियान के दौरान 4,962 किलोग्राम नशीले पदार्थ और 6,493 यूनिट मनोरोगी पदार्थ नष्ट किए गए।

उन्होंने बताया कि मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में शामिल 162 व्यक्तियों के ड्राइविंग लाइसेंस रद्द या निलंबित कर दिए गए हैं जबकि मादक पदार्थों की तस्करी में इस्तेमाल किए गए 92 वाहनों के पंजीकरण प्रमाण पत्र भी रद्द या निलंबित कर दिए गए हैं। इसके अलावा उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों से संबंधित गतिविधियों में शामिल 10 पासपोर्ट जब्त करने की सिफारिशें की गई हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता