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दमोह, 14 मई (हि.स.)। मध्यप्रदेश के उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री तथा दमोह जिले के प्रभारी मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा है कि देश जब भी किसी संकट से गुजरता है, तब जनता और सरकार की सामूहिक भागीदारी ही राष्ट्र को मजबूती प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि भारत की परंपरा हमेशा से सहयोग, अनुशासन और आत्मनिर्भरता की रही है।
गुरुवार को दमोह में आयोजित पत्रकार वार्ता में प्रभारी मंत्री ने राष्ट्रीय मुद्दों, पर्यावरण संरक्षण और जिले में चल रहे विकास कार्यों पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान दमोह सांसद राहुल सिंह लोधी, प्रदेश के संस्कृति, पर्यटन एवं धार्मिक न्यास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी तथा हटा विधायक उमादेवी खटीक भी मौजूद रहीं।
प्रभारी मंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का उल्लेख करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों में जनता के सहयोग से ही देश आगे बढ़ता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी देश को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के उद्देश्य से जनभागीदारी पर जोर दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में संसाधनों का संरक्षण और मितव्ययिता बेहद आवश्यक है। अनावश्यक खर्चों में कमी और स्थानीय संसाधनों के उपयोग को बढ़ावा देकर देश की आर्थिक स्थिति को और मजबूत किया जा सकता है।
पर्यावरण संरक्षण के मुद्दे पर प्रभारी मंत्री ने अपनी व्यक्तिगत पहल साझा करते हुए बताया कि वे पिछले दो वर्षों से प्रतिदिन दोपहर 1:30 बजे से 2:30 बजे तक अपने परिसर की बिजली बंद रखते हैं, ताकि ऊर्जा की बचत हो सके और गर्मी बढ़ाने वाले उपकरणों का कम उपयोग किया जाए। उन्होंने इसे प्रकृति और धरती के प्रति अपनी जिम्मेदारी बताया।
उन्होंने सिंगल यूज प्लास्टिक को पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बताते हुए कहा कि प्लास्टिक जलाने से निकलने वाली गैसें बीमारियों को बढ़ावा देती हैं। साथ ही यह खेतों और जल स्रोतों को भी प्रभावित करती है। उन्होंने लोगों से प्लास्टिक मुक्त जीवनशैली अपनाने की अपील की।
प्रभारी मंत्री ने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति बिजली बचत, जल संरक्षण और प्लास्टिक त्याग जैसे छोटे-छोटे प्रयास करे, तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़े परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।
जिले के विकास कार्यों की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि विभिन्न विभागों को तय समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सांदीपनी विद्यालयों के निर्माण कार्य तेजी से चल रहे हैं और अगस्त तक भवन तैयार होने की संभावना है।
गर्मी के मौसम में पेयजल व्यवस्था को लेकर उन्होंने बताया कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को खराब हैंडपंपों की तत्काल मरम्मत और आवश्यकता अनुसार नए बोर कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पेयजल संकट न हो।
गेहूं उपार्जन को लेकर प्रभारी मंत्री ने कहा कि सरकार 23 मई तक सभी पंजीकृत किसानों से गेहूं खरीदी के लक्ष्य पर कार्य कर रही है। प्रारंभिक तकनीकी समस्याओं का समाधान कर लिया गया है और खरीदी प्रक्रिया की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।
उन्होंने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत जल स्रोतों के संरक्षण और पुनर्जीवन के कार्य किए जा रहे हैं। इसे जनभागीदारी के माध्यम से जनआंदोलन का स्वरूप देना आवश्यक है।
हिन्दुस्थान समाचार / हंसा वैष्णव