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जयपुर, 12 मई (हि.स.)। पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास ने नीट-2026 परीक्षा रद्द होने की खबर पर भाजपा सरकार और केंद्र की शिक्षा व्यवस्था पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक परीक्षा रद्द होने का मामला नहीं, बल्कि देश के करोड़ों युवाओं के सपनों और मेहनत पर चोट है।
खाचरियावास ने बयान जारी कर कहा कि लाखों विद्यार्थियों ने दिन-रात मेहनत कर परीक्षा की तैयारी की। अभिभावकों ने बच्चों की पढ़ाई और कोचिंग के लिए कर्ज तक लिया, कई परिवारों ने आर्थिक परेशानियां झेली, लेकिन सरकार की लापरवाही और भ्रष्ट व्यवस्था ने युवाओं का भविष्य संकट में डाल दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार हो रहे पेपर लीक यह साबित करते हैं कि देश की शिक्षा व्यवस्था पर पेपर माफियाओं का कब्जा हो चुका है। हर बार बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन असली दोषी बच निकलते हैं और ईमानदार छात्र मानसिक तनाव और असमंजस का शिकार होते हैं।
कांग्रेस नेता ने कहा कि भाजपा सरकार का तथाकथित “अमृतकाल” युवाओं के लिए “विषकाल” बनता जा रहा है। यदि मेहनत और प्रतिभा की जगह पैसे और पहुंच से भविष्य तय होने लगे, तो यह शिक्षा व्यवस्था और लोकतंत्र दोनों के लिए खतरे की घंटी है।
खाचरियावास ने मांग की कि पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जांच करवाई जाए। साथ ही पेपर लीक माफिया और उन्हें संरक्षण देने वालों को तत्काल गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि लाखों छात्रों को मानसिक और आर्थिक नुकसान पहुंचाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि देश का युवा अब जवाब मांग रहा है कि आखिर कब तक पेपर लीक के कारण उनके सपनों पर बुलडोजर चलता रहेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश