बलरामपुर : स्व-सहायता समूहों की महिलाएं बन रहीं आत्मनिर्भर, जिला पंचायत सीईओ ने आजीविका गतिविधियों का लिया जायजा
बलरामपुर, 12 मई (हि.स.)। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जिले में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए संचालित गतिविधियों की जिला पंचायत सीईओ नयनतारा सिंह तोमर ने समीक्षा की। विकासखंड शंकरगढ़ के दौरे के दौरान उन्होंने विभिन्न आजीविका गतिविधियों
निरीक्षण करते अधिकारी।


बलरामपुर, 12 मई (हि.स.)। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जिले में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए संचालित गतिविधियों की जिला पंचायत सीईओ नयनतारा सिंह तोमर ने समीक्षा की। विकासखंड शंकरगढ़ के दौरे के दौरान उन्होंने विभिन्न आजीविका गतिविधियों का निरीक्षण कर स्व-सहायता समूहों की महिलाओं का उत्साहवर्धन किया।

इस दौरान सीईओ ने करमी उरांव टोली स्थित पार्वती स्व-सहायता समूह की सदस्य पूनम केरकेट्टा की आजीविका गतिविधियों का अवलोकन किया। पूनम ने समूह से 70 हजार रुपये का ऋण लेकर कृषि और पशुपालन आधारित बहुआयामी आजीविका मॉडल विकसित किया है।

उन्होंने ऋण राशि से मौसमी सब्जियों की खेती शुरू की, वहीं डबरी में मछली पालन और सूअर पालन जैसी गतिविधियां भी अपनाईं। इससे उन्हें नियमित अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है। पूनम को कृषि विभाग और क्रेडा के माध्यम से सोलर पंप का लाभ भी मिला है, जिससे खेतों की सिंचाई आसान हो गई है और उत्पादन क्षमता में बढ़ोतरी हुई है।

कृषि, मत्स्य पालन और पशुपालन के समन्वित प्रयासों से पूनम आज “लखपति दीदी” के रूप में पहचान बना चुकी हैं। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ ने उनकी सराहना करते हुए कृषक उत्पादक कंपनी से जुड़कर आजीविका गतिविधियों का विस्तार करने और बेहतर बाजार उपलब्ध कराने संबंधी मार्गदर्शन दिया।

कृषक उत्पादक कंपनी का भी किया निरीक्षण

दौरे के दौरान जिला पंचायत सीईओ ने “नई राह कृषक उत्पादक कंपनी” का भी निरीक्षण किया। उन्होंने उत्पादक समूहों के माध्यम से किसानों से उत्पाद खरीद, उचित मूल्य सुनिश्चित करने और आय-व्यय से जुड़े दस्तावेजों का पारदर्शी तरीके से संधारण करने के निर्देश दिए।

उन्होंने अधिकारियों से अधिक से अधिक किसानों और स्व-सहायता समूहों को कृषक उत्पादक कंपनी से जोड़ने तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के जरिए ग्रामीण आजीविका को और मजबूत करने को कहा।

सीईओ ने कहा कि स्व-सहायता समूहों और कृषक उत्पादक कंपनियों के माध्यम से महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है और ग्रामीण परिवार आत्मनिर्भर बन रहे हैं। उन्होंने अन्य महिलाओं से भी पूनम केरकेट्टा जैसी सफल महिलाओं से प्रेरणा लेकर बहुआयामी आजीविका अपनाने की अपील की।

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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय