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लखनऊ, 12 मई (हि.स.)। बौद्धिक संपदा अधिकार नवाचार को बढ़ावा देने के साथ रचनात्मक कार्यों की सुरक्षा के लिए बेहद आवश्यक हैं। तकनीकी प्रगति के इस दौर में अभियंताओं, शोधकर्ताओं और उद्यमियों को पेटेंट कानून एवं कॉपीराइट संरक्षण के प्रति जागरूक रहना चाहिए। यह बातें मंगलवार को अधिवक्ता राज विक्रम सिंह ने इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया), यू.पी. स्टेट सेंटर, लखनऊ द्वारा आयोजित तकनीकी व्याख्यान में कहीं।
इंजीनियर्स भवन, रिवर बैंक कॉलोनी में आयोजित कार्यक्रम में अधिवक्ता राज विक्रम सिंह ने पेटेंट कानून और कॉपीराइट संरक्षण से जुड़े विभिन्न कानूनी और तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बौद्धिक संपदा की सुरक्षा का महत्व लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने पेटेंट प्राप्त करने की प्रक्रिया, कॉपीराइट संरक्षण के प्रावधानों और उससे जुड़ी कानूनी चुनौतियों पर भी अपने विचार रखे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. डॉ. भरत राज सिंह ने की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के तकनीकी व्याख्यान अभियंताओं, विद्यार्थियों और उद्योग जगत के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होते हैं। ऐसे आयोजनों से तकनीकी और विधिक ज्ञान में वृद्धि होती है तथा नई पीढ़ी को बौद्धिक संपदा अधिकारों के प्रति जागरूकता मिलती है।
कार्यक्रम के संयोजक इं. के.पी. त्रिपाठी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। संस्था के मानद सचिव इं. एन.के. निषाद ने कार्यक्रम का संचालन एवं समन्वय किया। अंत में उन्होंने उपस्थित अभियंताओं, शिक्षाविदों और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप