निवेश आकर्षित करने के लिए भूमि नीति में बदलाव के संकेत, बोले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य
कोलकाता, 12 मई (हि.स.)। पश्चिम बंगाल भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य शमिक भट्टाचार्य ने राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिए भूमि नीति में बदलाव के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि नई सरकार उद्योगों और बड़े निवेश को आकर्षित कर
शमिक


कोलकाता, 12 मई (हि.स.)। पश्चिम बंगाल भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य शमिक भट्टाचार्य ने राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिए भूमि नीति में बदलाव के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि नई सरकार उद्योगों और बड़े निवेश को आकर्षित करने के लिए आवश्यक सभी कदम उठाएगी।

कोलकाता में मंगलवार को बंगाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि पिछले 15 वर्षों के तृणमूल कांग्रेस शासन में राज्य में एक भी बड़ा नया निवेश नहीं आया। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल के उद्योगपतियों और कारोबारियों ने अपने निवेश अन्य राज्यों में स्थानांतरित कर दिए क्योंकि तत्कालीन राज्य सरकार ने उद्योगों को सहयोग नहीं दिया।

उन्होंने कहा कि राज्य में निवेश को आसान बनाने के लिए भूमि नीति में तत्काल बदलाव की आवश्यकता है। सामिक भट्टाचार्य ने कहा कि नई सरकार निवेश आकर्षित करने के लिए हर जरूरी कदम उठाएगी, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

गौरतलब है कि 2011 में सत्ता में आने के बाद ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस सरकार ने बड़े उद्योगों के लिए भूमि अधिग्रहण में राज्य सरकार की भूमिका से खुद को अलग रखा था। उस समय उद्योग जगत और आर्थिक विशेषज्ञों ने इस नीति की आलोचना करते हुए कहा था कि इससे विनिर्माण क्षेत्र में निवेश प्रभावित होगा।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के ताजा बयान के बाद राज्य की भूमि नीति में संभावित बदलाव की चर्चाएं तेज हो गई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पिछली सरकार के दौरान बिगड़ती कानून व्यवस्था भी उद्योगपतियों के लिए निवेश से दूरी बनाने का एक बड़ा कारण थी।

शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि पहले भय का माहौल था, जिसकी वजह से उद्योगपति पश्चिम बंगाल में निवेश करने से हिचकिचाते थे। हालांकि अब वह माहौल समाप्त हो चुका है और उद्योगपति बिना किसी डर के राज्य में निवेश करेंगे।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह राज्य सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर यह बातें नहीं कह रहे हैं, क्योंकि वह सरकार का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन उन्हें भरोसा है कि नई सरकार निवेश और औद्योगिक विकास को प्राथमिकता देगी।

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर