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सूरजपुर, 12 मई (हि.स.)। मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से “तारुण्य वार्ता हैशटैग पीरियड्स पर खुलकर” अभियान की शुरुआत रायपुर में की गई। यूनिसेफ और भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय मास्टर ट्रेनर्स प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रदेशभर से स्काउट्स एवं गाइड्स के प्रतिनिधि शामिल हुए। सूरजपुर जिले से भी एडल्ट लीडर्स ने भागीदारी की।
रायपुर स्थित श्री बालाजी विद्या मंदिर में मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने किया। उन्होंने कहा कि मासिक धर्म जैसे विषय पर चुप्पी नहीं, बल्कि जागरूकता और खुलकर संवाद की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हर बेटी को सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक माहवारी प्रबंधन का अधिकार मिलना चाहिए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के राज्य मुख्य आयुक्त इंद्रजीत सिंह खालसा ने कहा कि यह अभियान पूरे छत्तीसगढ़ में हर वर्ग तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने बताया कि 28 मई को अभियान का समापन मुख्यमंत्री के मुख्य आतिथ्य में किया जाएगा।
यूनिसेफ की छत्तीसगढ़ प्रमुख सीमा कुमार ने कहा कि यह अभियान केवल माहवारी स्वच्छता तक सीमित नहीं है, बल्कि बालिकाओं के सम्मान, स्वास्थ्य और सशक्तिकरण से भी जुड़ा है। उन्होंने कहा कि इस पहल के जरिए माहवारी से जुड़े मिथकों और झिझक को खत्म करने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही लड़कों को भी इस विषय के प्रति जागरूक बनाया जाएगा।
यूनिसेफ के व्यवहार परिवर्तन विशेषज्ञ अभिषेक सिंह ने कहा कि अभियान से किशोरों में स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ेगी तथा मासिक धर्म से जुड़ी भ्रांतियों में कमी आएगी।
कार्यक्रम के दौरान यूनिसेफ और भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के पदाधिकारियों ने मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन का संकल्प दिलाया तथा जागरूकता पोस्टर का विमोचन भी किया।
सूरजपुर जिले से डीओसी स्काउट बलभद्र देवांगन, गाइड विनीता भगत और कंचनलता ने प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय