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नई दिल्ली, 12 मई (हि.स.)। दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने मंगलवार को दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा के साथ जीटी करनाल रोड पर आयोजित नौवें मादक पदार्थ नष्ट करने के कार्यक्रम का नेतृत्व किया। इस दौरान 72 करोड़ रुपये मूल्य के 1700 किलोग्राम मादक पदार्थों को नष्ट किया। उन्होंने 2027 तक दिल्ली को नशा मुक्त बनाने के लक्ष्य को अधिक प्रभावी ढंग से प्राप्त करने के लिए दिल्ली के पहले समर्पित एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) पुलिस स्टेशन की स्थापना की भी घोषणा की।
उल्लेखनीय है कि 72 करोड़ रुपये मूल्य के 1700 किलोग्राम मादक पदार्थों के साथ अबतक नष्ट किए गए मादक पदार्थों की कुल मात्रा 46,500 किलोग्राम तक पहुंच गई है, जिसका अंतरराष्ट्रीय बाजार में मूल्य 13,830 करोड़ रुपये है।
उपराज्यपाल ने इस अवसर संबोधित करते हुए कहा कि यह आयोजन केवल जब्त किए गए मादक पदार्थों को नष्ट करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उस व्यवस्था को खत्म करने के बारे में भी है जो हमारे युवाओं के लिए खतरा है और समाज के भविष्य को समग्र रूप से नुकसान पहुंचाती है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम केवल पदार्थों को नष्ट करने के बारे में नहीं है, बल्कि एक विनाशकारी मानसिकता को पराजित करने और भावी पीढ़ी की रक्षा करने के बारे में भी है।
उपराज्यपाल ने दिल्ली पुलिस द्वारा राजधानी में मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अथक अभियान की सराहना की और सभी से 2027 तक दिल्ली को 'नशा मुक्त' बनाने के लिए एकजुट होने का आह्वान किया।
आज नष्ट किए गए मादक पदार्थों में गांजा (1610 किलोग्राम), चरस (21 किलोग्राम), हेरोइन (11 किलोग्राम), कोकीन (591 ग्राम), कैनाबिस सैटिवा (21 किलोग्राम), अल्प्राज़ोलम टैबलेट (30 किलोग्राम) शामिल है। ये सभी पदार्थ दिल्ली के क्राइम ब्रांच और दक्षिण जिले से प्राप्त किए गए हैं।
दिल्ली पुलिस मादक पदार्थों के खिलाफ 'शून्य सहिष्णुता नीति' पर सख्ती से काम कर रही है और इसे जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। दिल्ली पुलिस मादक पदार्थों के तस्करों/व्यापारियों/दलाली करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठा रही है। दिल्ली पुलिस ने सभी रैंकों और कर्मचारियों को दिल्ली को नशामुक्त बनाने के लिए समन्वित और केंद्रित प्रयास करने का निर्देश दिया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव