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खूंटी, 12 मई (हि.स.)। कर्रा प्रखंड के काटमकुकू, कुलहुटू और पुटंग ढोड़हा में मंगलवार को चाला अखड़ा खोड़हा कुलहुटू के तत्वावधान में ऐतिहासिक एदेल संगा 22 पड़हा जतरा का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व पंचायती राज निदेशक सह भारत सरकार की इनकम टैक्स कमिश्नर निशा उरांव उपस्थित रहीं।
विशिष्ट अतिथि के रूप में एदेल संगा 22 पड़हा महारानी अमृता मुंडा तथा चाला अखड़ा खोड़हा के अध्यक्ष बंदी उरांव मौजूद रहे।
मुख्य अतिथि निशा उरांव ने कहा कि हम आदिवासियों का मुख्यतः दो मुद्दा है पहला आदिवासियों की उनकी अपनी पहचान और दूसरा मुद्दा है आदिवासियों का जल, जंगल,जमीन का अधिकार। आदिवासियों की पहचान में हमारी परम्परा, धर्मिक आस्था और सामाजिक अधिकार है, जिसे दूसरे धर्म के लोग कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने पेसा कानून, सरना धर्म कोड, ग्राम सभा का अधिकार व परंपरागत व्यवस्था पर विस्तार पूर्वक जानकारी दी।
जतरा में आदिवासी दिशूम पड़हा समिति के खूंटी जिला संयोजक महादेव मुंडा, लोधमा पंचायत की मुखिया मंजुला उरांव, मनोज धान, पंचायत समिति सदस्य भोला खान, डहरू पहान, सुखु मुंडा, प्रेम मुंडा, महेश लकड़ा, झिरगा परधिया, बिरसा टूटी, झिरगा खलखो सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
पड़हा जतरा में काटमकुकू, कुलहुटू, लोधमा, कनसिली, चंगा टोली, तिग्गा, मुरहू और लोहागड़ा समेत 12 मौजा के खोड़हा मंडली के लोग पारंपरिक वेशभूषा में ढोल-मांदर की थाप पर नृत्य करते हुए जतरा स्थल पहुंचे।
कार्यक्रम को सफल बनाने में संयोजक बिरसी लकड़ा, पुनम नाग, जयपाल मुंडा, अनिल केशरी, सनिका मुंडा सहित लोधमा पंचायत के 12 मौजा के ग्रामीणों का योगदान रहा।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल मिश्रा