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धमतरी, 12 मई (हि.स.)। जिले में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण में चिकित्सा अधिकारियों एवं ग्रामीण चिकित्सा सहायकों को मानसिक रोगों की पहचान, उपचार सहयोग और काउंसलिंग की आधुनिक तकनीकों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य और तंत्रिका विज्ञान संस्थान बेंगलुरु द्वारा सामुदायिक मानसिक स्वास्थ्य विषय को लेकर 11 एवं 12 मई को दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम जिला पंचायत धमतरी सभाकक्ष में आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्रामीण एवं प्राथमिक स्वास्थ्य स्तर पर मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता को और अधिक प्रभावी बनाना रहा। यह प्रशिक्षण एमडी साइकेट्रिक विशेषज्ञ डा. सना उस्मानी द्वारा दो बैचों में दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान विशेष मानसिक बीमारियों से ग्रसित मरीजों की पहचान, उनके स्वजनों को जागरूक करने की प्रक्रिया, प्रभावी काउंसलिंग तकनीक एवं आवश्यक दवाओं के उचित उपयोग और प्रबंधन के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई।
विशेषज्ञों ने बताया कि मानसिक बीमारियों के प्रति जागरूकता की कमी के कारण कई मरीज समय पर उपचार से वंचित रह जाते हैं जिससे उनकी स्थिति गंभीर हो सकती है। ऐसे में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। सीएमएचओ डाॅ. यूएल कौशिक ने इस प्रशिक्षण को जिले में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। इस कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम प्रबंधक डाॅ. प्रिया कंवर, जिला सलाहकार डाॅ. श्रीकांत चंद्राकर, वित्त एवं लाजिस्टिक अधिकारी रविशंकर वर्मा, सचिवीय सहायक द्वारिका पटेल, गिरीश देवांगन, खूबलाल साहू, ईश्वर साहू सहित विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा